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“केदारनाथ के चढ़ावे से अर्द्धकुंभ तक… कांग्रेस ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, कहा—’10 साल का पूरा हिसाब दो, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन!'”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 18 जुलाई। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने केदारनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले, अर्द्धकुंभ के निर्माण कार्यों तथा सतीकुंड सौंदर्यीकरण परियोजना को लेकर राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। हरिद्वार के आर्य नगर चौक स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में पारदर्शिता का गंभीर अभाव है।

आलोक शर्मा ने कहा कि केदारनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच हाईकोर्ट के वर्तमान (सीटिंग) न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। उनका आरोप था कि एसआईटी जांच के नाम पर केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने सरकार से पिछले दस वर्षों में उत्तराखंड के चारों धामों में प्राप्त दान और चढ़ावे का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करते हुए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

अर्द्धकुंभ की तैयारियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जनता के धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्थायी कार्यों की बजाय स्थायी निर्माण को प्राथमिकता दी जाए तथा सभी कार्य निर्धारित टेंडर प्रक्रिया और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की गाइडलाइन के अनुरूप कराए जाएं। साथ ही निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए प्रशासन, सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने की भी मांग की।

सतीकुंड सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए आलोक शर्मा ने कहा कि इस परियोजना पर भाजपा के लोग भी सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस मामले में भी श्वेत पत्र जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय कंपनियों और ठेकेदारों को प्राथमिकता देने की वकालत करते हुए कहा कि बाहरी कंपनियों को अनुचित लाभ नहीं मिलना चाहिए।

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन मामलों में श्वेत पत्र जारी कर पारदर्शिता नहीं दिखाती है तो कांग्रेस धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ नेता मनोज सैनी, ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष विकास चंद्रा, मोहन राणा और राजेश मिश्रा सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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