न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:खड़गे प्रकरण पर गरजी कांग्रेस: रुड़की में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, भाजपा नेताओं के खिलाफ तहरीर से मचा सियासी बवाल BIG BREAKING:शिक्षक दिवस पर हरिद्वार में हरियाली का महाअभियान! “एक पेड़ गुरु के नाम” से गूंजेंगे विद्यालय, 15 सितंबर तक मिशन मोड में होगा पौधारोपण BIG BREAKING:मुख्यमंत्री धामी से बाबा रामदेव की खास मुलाकात, योग-आयुर्वेद से लेकर उत्तराखंड के विकास तक बनी बड़ी रणनीति! BIG Breaking:वंदना कटारिया स्टेडियम में गूंजा हॉकी का जोश, राष्ट्रीय प्रतियोगिता का भव्य आगाज—मिश्रा बोले, खेलों से युवाओं को मिलती है नई दिशा BIG BREAKING:उत्तराखंड में मदरसों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! बिना मान्यता चल रहे 4 मदरसे सील, बाजपुर में मचा हड़कंप BIG BREAKING:धराली आपदा में दुपट्टे के टुकड़े से बंधी राखी, अहमदाबाद से फिर पहुंचा बहन का प्यार—धनगौरी ने सीएम धामी को भेजी भावुक राखी
Home » हड़कंप » BIG BREAKING:उत्तराखंड में मदरसों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! बिना मान्यता चल रहे 4 मदरसे सील, बाजपुर में मचा हड़कंप

BIG BREAKING:उत्तराखंड में मदरसों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! बिना मान्यता चल रहे 4 मदरसे सील, बाजपुर में मचा हड़कंप

(शहजाद अली हरिद्वार)ऊधमसिंह नगर । उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में लागू नई व्यवस्था के तहत प्रशासन ने बिना आवश्यक मान्यता एवं दस्तावेजों के संचालित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर परगना क्षेत्र में चार मदरसों को सील किया गया है।जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह और कोतवाली निरीक्षक नरेश चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्रशासन के अनुसार, संबंधित मदरसा संचालक निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।

प्रशासन द्वारा सील किए गए मदरसों में मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम, बाजपुर; मदरसा गुलशने इस्लाम, कनोरा; मदरसा जामिया फातिमा, बाजपुर; तथा मदरसा मोइनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलाखेड़ा-बाजपुर शामिल हैं।

ALSO READ  "कनखल में दिनदहाड़े गोलियों की गूंज से कांपा इलाका: जिला पंचायत उपाध्यक्ष के भाई पर ताबड़तोड़ फायरिंग, साथी पर भी जानलेवा हमला—दो गंभीर, बदमाश फरार"

एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र में संचालित मदरसों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिन संस्थानों के पास निर्धारित मान्यता अथवा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अन्य मदरसों की भी जांच-पड़ताल जारी है।

नई व्यवस्था को लेकर हाई कोर्ट में याचिका

वहीं, राज्य में लागू नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था और मान्यता संबंधी प्रावधानों के खिलाफ कुछ मदरसा संचालकों की ओर से नैनीताल हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण तथा शिक्षा बोर्ड से मान्यता की अनिवार्यता के चलते कई मदरसों के सामने संचालन संबंधी कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।

डीएम ने कहा—मान्यता के मानकों का पालन अनिवार्य

ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा कि शासन के निर्देशों के तहत जिले में मदरसों का निरीक्षण अभियान जारी है। जिन संस्थानों ने निर्धारित प्राधिकरण से मान्यता नहीं ली है अथवा आवश्यक मानकों और नियमों का पालन नहीं किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ALSO READ  “शौचालय निर्माण के 3 लाख के टेंडर में घूसखोरी का खेल: 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया ब्लॉक का अकाउंटेंट, विजिलेंस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप”

आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का जोर

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा कि नई व्यवस्था की मूल भावना बच्चों को उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखते हुए उन्हें आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराना और शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा आधुनिक पाठ्यक्रम को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत मदरसों को भी निर्धारित शैक्षणिक मानकों और नियमों का पालन करना होगा। जो संस्थान निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।मुख्यमंत्री धामी ने भी स्पष्ट की सरकार की नीति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा, जो बच्चों को आधुनिक एवं मुख्यधारा की शिक्षा से दूर रखे। उन्होंने कहा है कि राज्य के सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी उद्देश्य से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। सरकार के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत बच्चों को उनकी सांस्कृतिक एवं धार्मिक जड़ों से जुड़े रहने के साथ-साथ विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और अन्य आधुनिक विषयों की शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

ALSO READ  "हाईटेंशन लाइन बनी मौत का जाल, देखते ही देखते लपटों में घिरा ट्रक; रुड़की फायर ब्रिगेड की बहादुरी से टला बड़ा विस्फोट, सुरक्षित बची लोगों की जान"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि प्रदेश में संचालित होने वाले सभी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। सरकार का स्पष्ट मत है कि जो संस्थान नियमों के अनुरूप संचालित होंगे, उन्हें व्यवस्था के तहत कार्य करने का अवसर मिलेगा, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 8 8 2 9
Users Today : 691
Users Yesterday : 630
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 8 8 2 9
Users Today : 691
Users Yesterday : 630