(शहजाद अली हरिद्वार)बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद बागेश्वर को नई प्रशासनिक नेतृत्वकर्ता मिल गई हैं। नवनियुक्त जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने शुक्रवार को विधिवत रूप से जनपद का कार्यभार ग्रहण कर लिया।
कार्यभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने आस्था और परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रसिद्ध बागनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और जनपद की सुख-समृद्धि, शांति एवं विकास की कामना की। इसके बाद वह कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचीं, जहाँ अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
नई जिलाधिकारी के रूप में अपूर्वा पाण्डे की तैनाती को जनपद के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। उनके कार्यभार ग्रहण करते ही विकास योजनाओं, जनसुनवाई व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर नई उम्मीदें भी जाग उठी हैं।
कलेक्ट्रेट पहुँचने पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और जनपद की प्रशासनिक स्थिति से अवगत कराया।
बागनाथ मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना
कार्यभार ग्रहण करने से पहले अपूर्वा पाण्डे सीधे जनपद के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले बागनाथ मंदिर पहुँचीं। मंदिर में उन्होंने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर भगवान बागनाथ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी उनका स्वागत किया।
बताया जा रहा है कि पूजा के दौरान उन्होंने जनपदवासियों की खुशहाली, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और समग्र विकास की प्रार्थना की।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में धार्मिक आस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिलता है और उसी परंपरा को निभाते हुए नई जिलाधिकारी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत की।
अधिकारियों से ली प्रारंभिक जानकारी
कलेक्ट्रेट में कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक की। बैठक में जनपद में संचालित विकास योजनाओं, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जनसुनवाई प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
नई जिलाधिकारी ने स्पष्ट संकेत दिए कि जनपद में विकास कार्यों की गति को तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्रों में बेहतर कार्य सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही सरकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी ताकि धरातल पर उनके परिणाम दिखाई दें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों को देखते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जिलाधिकारी विभिन्न विकास परियोजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण भी कर सकती हैं। इससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
जनहित और संवेदनशील प्रशासन पर रहेगा फोकस
कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में अपूर्वा पाण्डे ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनहित को सर्वोच्च स्थान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाएगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को अक्सर छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, ऐसे में प्रशासन को और अधिक संवेदनशील होकर काम करने की जरूरत है।
अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह
नई जिलाधिकारी के आगमन को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत करते हुए बेहतर प्रशासनिक नेतृत्व की उम्मीद जताई। कई अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में जनपद में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
जनपद के सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी नई जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि बागेश्वर में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर प्रभावी पहल देखने को मिलेगी।
पर्वतीय जनपदों की चुनौतियाँ होंगी प्राथमिकता
बागेश्वर जैसे पर्वतीय जनपदों में भौगोलिक परिस्थितियाँ प्रशासन के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी करती हैं। सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाएँ, पलायन, पेयजल संकट और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे यहाँ हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में नई जिलाधिकारी के सामने इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की जिम्मेदारी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तो पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की गति को और मजबूत किया जा सकता है।
अपूर्वा पाण्डे के शुरुआती संदेशों से यह संकेत मिल रहे हैं कि वह जनपद में सुशासन और विकास को लेकर गंभीर दृष्टिकोण अपनाने वाली हैं।
जनता को नई उम्मीद
नई जिलाधिकारी के कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही बागेश्वर की जनता को प्रशासन से नई उम्मीदें जुड़ गई हैं। लोगों को विश्वास है कि विकास कार्यों में तेजी आएगी और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
धार्मिक आस्था के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी की शुरुआत कर अपूर्वा पाण्डे ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि जनसेवा, संवेदनशीलता और विकास उनके कार्यकाल की मुख्य आधारशिला होंगे।
अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके नेतृत्व में बागेश्वर प्रशासन किस तरह नई उपलब्धियाँ हासिल करता है।


























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