(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर शासन और प्रशासन ने अपनी सक्रियता और तेज कर दी है।
राज्य सरकार, भारत सरकार के विभिन्न विभागों, एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा तैयारियों की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में उच्च स्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कुंभ मेला-2027 से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों, प्रस्तावित योजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
अब योजनाओं को धरातल पर उतारने का समय
बैठक को संबोधित करते हुए मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि कुंभ मेला-2027 राज्य की प्रतिष्ठा, सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है।
उन्होंने कहा कि अब केवल योजनाएं बनाने और प्रस्ताव तैयार करने का समय नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने दायित्वों से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए स्पष्ट और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें।
प्रत्येक विभाग अपने लक्ष्यों को तय करे और उनकी नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित करे। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
हर महीने होगी तैयारियों की समीक्षा
मंडलायुक्त ने कहा कि कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक माह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में विभागवार प्रगति की समीक्षा की जाएगी और जहां आवश्यक होगा, वहां तत्काल निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी बैठकों में संबंधित विभागों के केवल नामित नोडल अधिकारी ही प्रतिभाग करें। नोडल अधिकारी ऐसा अधिकारी होना चाहिए जिसे विभागीय कार्यों और योजनाओं की पूरी जानकारी हो तथा वह विभाग का प्रभावी प्रतिनिधित्व कर सके।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि कुंभ मेला जैसे विशाल आयोजन की सफलता विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एक-दूसरे के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और किसी भी चुनौती का समाधान समय रहते सुनिश्चित करें।
उन्होंने रेलवे, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ आगामी कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि संभावित आकस्मिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं और आपातकालीन कार्ययोजनाएं भी तैयार रखी जाएं।
रेल और सड़क परिवहन व्यवस्था को जल्द मिले अंतिम रूप
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेल एवं सड़क परिवहन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन की योजनाओं को जल्द अंतिम रूप दिया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों और संगठनों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली कार्ययोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए ताकि आगामी चरणों में कार्यों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
रेलवे ने साझा की अपनी कार्ययोजना
उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विनीता श्रीवास्तव ने भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में प्रतिभाग करते हुए रेलवे की प्रस्तावित तैयारियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के दौरान यात्रियों की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा विभिन्न व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन तथा भीड़ प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने दिए सुझाव
बैठक में जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल और एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल ने भी मेले की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में अपने विचार साझा किए।
सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन रहेगा प्राथमिकता में
नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार ने कुंभ मेला-2027 के दौरान सफाई, सैनिटेशन व्यवस्था तथा ठोस अपशिष्ट (कूड़ा) प्रबंधन को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
वहीं अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने कुंभ मेला-2027 के लिए स्वीकृत विभिन्न कार्यों की प्रगति और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा, रेलवे के एडीआरएम पी.एस. झा, वित्त नियंत्रक लखेन्द्र गौथियाल सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा है महाकुंभ
बैठक के समापन पर मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि आगामी समय कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे इस आयोजन को केवल सरकारी कार्य के रूप में न देखें, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दायित्व के रूप में लें।
उन्होंने कहा कि पूर्ण गंभीरता, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए सभी विभाग समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करें, ताकि कुंभ मेला-2027 का आयोजन भव्य, दिव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप में संपन्न कराया जा सके।यह पोर्टल/न्यूज़ वेबसाइट के लिए तैयार की गई पूरी विस्तृत स्क्रिप्ट है।


























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