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Home » सवाल » “पिरान कलियर में कब चलेगा ‘ऑपरेशन कालनेमी’? दरगाह की करोड़ों की संपत्तियों पर कथित कब्जे, फर्जी नियुक्तियों और मौखिक फरमानों पर उठे बड़े सवाल; डीएम से उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज”

“पिरान कलियर में कब चलेगा ‘ऑपरेशन कालनेमी’? दरगाह की करोड़ों की संपत्तियों पर कथित कब्जे, फर्जी नियुक्तियों और मौखिक फरमानों पर उठे बड़े सवाल; डीएम से उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध दरगाह पिरान कलियर में प्रशासनिक व्यवस्थाओं, कथित फर्जी नियुक्तियों, मौखिक आदेशों और दरगाह की संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के “ऑपरेशन कालनेमी” की तर्ज पर दरगाह व्यवस्था की भी व्यापक जांच की मांग उठाई है।

विवाद के केंद्र में मौ. रफी का नाम चर्चा में है। क्षेत्र में यह सवाल उठ रहा है कि यदि उनकी भूमिका समाप्त या सीमित हो चुकी है, तो उन्हें दोबारा व्यवस्था में सक्रिय करने की कोशिशें किन परिस्थितियों में और किसके संरक्षण में की जा रही हैं। हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दरगाह में वर्षों से कुछ निर्णय कथित रूप से मौखिक आदेशों के आधार पर लिए जाते रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी नियुक्ति या अधिकार से संबंधित मामलों में लिखित आदेश और स्पष्ट नियमों का पालन होना चाहिए।

वहीं, दरगाह की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जों को लेकर भी नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आ रही है।

जागरूक नागरिकों ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से दरगाह संपत्तियों का विशेष सर्वे कराने, विवादित कब्जों की सूची तैयार करने तथा कथित फर्जी नियुक्तियों और संरक्षण तंत्र की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि दरगाह लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी गरिमा व संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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