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उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमावर्ती विकास को नई दिशा: त्रिवेंद्र सिंह रावत की योगी आदित्यनाथ से महत्वपूर्ण भेंट, इकबालपुर-नागल परियोजना और लिब्बरहेड़ी पुल निर्माण को मिली सहमति

(शहजाद अली हरिद्वार)लखनऊ। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर इकबालपुर-नागल सिंचाई परियोजना पर विस्तार से चर्चा की। यह परियोजना उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे गांवों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।इस मुलाकात में त्रिवेंद्र रावत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सिंचाई, कृषि और पेयजल समस्याओं का उल्लेख करते हुए परियोजना की जरूरत को रेखांकित किया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परियोजना के प्रस्ताव को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से हरिद्वार और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों की लगभग 5 लाख आबादी को सीधे लाभ मिलेगा। इससे किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और जल संकट की समस्या भी दूर होगी।भेंट के दौरान सांसद त्रिवेंद्र रावत ने लिब्बरहेड़ी पुल के पुनर्निर्माण का मुद्दा भी उठाया, जो दोनों राज्यों के बीच आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। योगी आदित्यनाथ ने इस दिशा में तत्परता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वयन का निर्देश देने का आश्वासन दिया।यह उच्चस्तरीय संवाद न केवल दो राज्यों के बीच सहयोग का प्रतीक है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करता है। आने वाले समय में यह पहल लाखों लोगों की जीवन गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।

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