न्यूज़ फ्लैश
“ऑपरेशन प्रहार का बड़ा धमाका: STF के शिकंजे में 15 म्यूल खाते, करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश, दो मास्टरमाइंड दबोचे!” “चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों पर सख्ती: हरिद्वार पहुंचीं आईजी विम्मी सचदेवा रमन, व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए कड़े निर्देश” “चारधाम यात्रा में ट्रैफिक का महाक्लेश! हरिद्वार में सख्त प्लान लागू—भारी वाहन बॉर्डर पर स्टॉप, जानिए कौन सा रूट रहेगा चालू और कहां लगेगा ब्रेक” “बहादराबाद में नारी शक्ति का महाकुंभ: ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में उमड़ा उत्साह का सैलाब, सशक्तिकरण की गूंज के बीच महिलाओं ने भरी बदलाव की हुंकार” “NH पर तेज रफ्तार का कहर: ड्यूटी पर जा रहे युवा डॉक्टर की दर्दनाक मौत, महिला डॉक्टर सदमे में—टक्कर मारकर फरार हुआ चालक, पुलिस जांच में जुटी” “इंतजार खत्म! CBSE 10वीं बोर्ड रिजल्ट जारी—अब बस रोल नंबर डालो और तुरंत देखो अपना स्कोर”
Home » निरीक्षण » “आत्मनिर्भरता की मिसाल: हरिद्वार की ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित ‘माही स्वयं सहायता समूह’ की डेयरी और मिल्क बार मॉडल का मुख्य विकास अधिकारी ने किया निरीक्षण”

“आत्मनिर्भरता की मिसाल: हरिद्वार की ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित ‘माही स्वयं सहायता समूह’ की डेयरी और मिल्क बार मॉडल का मुख्य विकास अधिकारी ने किया निरीक्षण”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 24 जुलाई 2025: हरिद्वार की मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोंडे ने विकासखंड नारसन के सिकंदरपुर मवाल गांव में “माही स्वयं सहायता समूह” द्वारा संचालित डेयरी एवं “माही मिल्क बार” का निरीक्षण किया। यह पहल उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति की ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत संचालित की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है।मुख्य विकास अधिकारी ने श्री राधे कृष्णा सीएलएफ के अंतर्गत समूह द्वारा संचालित डेयरी यूनिट का अवलोकन करते हुए कहा कि यह कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि पहले समूह की महिलाएं बहुत छोटे स्तर पर डेयरी कार्य करती थीं और आर्थिक रूप से असहाय थीं। लेकिन ग्रामोत्थान परियोजना की मदद और इंडियन ओवरसीज बैंक से ₹3 लाख के ऋण, स्वयं समूह के ₹1 लाख अंशदान एवं परियोजना के ₹6 लाख सहयोग से अब उनका व्यवसाय सुदृढ़ हो गया है।आज “माही स्वयं सहायता समूह” प्रतिदिन 450 लीटर दूध का उत्पादन कर रहा है, जिसमें से 350 लीटर दूध विभिन्न डेयरियों में बेचा जा रहा है और शेष 100 लीटर दूध से दही, लस्सी, पनीर, मावा जैसे उत्पाद बनाकर ‘माही मिल्क बार’ के माध्यम से प्रतिदिन ₹5,000-₹7,000 की बिक्री की जा रही है। इस व्यवसाय से समूह को प्रतिमाह ₹49,000 का शुद्ध लाभ हो रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है, बल्कि उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व पोषण भी मिल रहा है।इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय सक्सेना, वाईपी आईटी श्री अमित सिंह, खंड विकास अधिकारी श्री सुभाष सैनी सहित परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारीगण एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

“माही स्वयं सहायता समूह” की यह सफलता ग्रामीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।

266 Views
bahadrabadnews
Author: bahadrabadnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *