(शहजाद अली हरिद्वार)रूद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। तेज आँधी, तूफान और प्रतिकूल मौसम के चलते क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कई यात्रियों और स्थानीय लोगों के फँसने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, राहत एवं बचाव एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र रुद्रप्रयाग को शुक्रवार सायं 04:17 बजे डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक आए तेज तूफान और खराब मौसम के कारण कई लोग रास्तों में फँस गए हैं।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तत्काल डीडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और लगातार बिगड़ते मौसम के बीच राहत एवं बचाव दलों ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया।
डीडीआरएफ टीम ने एक घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर विभागीय वाहन के माध्यम से 108 एम्बुलेंस तक पहुँचाया, जिसके बाद घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ भेजा गया।
इस दर्दनाक घटना में एक यात्री की मौत की सूचना भी सामने आई है, हालांकि प्रशासन द्वारा मृतक की आधिकारिक पुष्टि एवं विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के चलते तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा। कई यात्री सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। वहीं प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने यात्रियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
गौरतलब है कि इन दिनों तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। ऐसे में अचानक बदलते मौसम ने एक बार फिर पहाड़ों में सतर्कता और सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।


























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