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“नवरात्रि पर हरिद्वार पुलिस का बड़ा धमाका: ऑपरेशन रिकवरी में बरामद हुए 70 मोबाइल, 14.68 लाख की वापसी से खिले चेहरों पर मुस्कान – जनता बोली, ये तोहफ़ा किसी वरदान से कम नहीं”

(शहजाद अली हरिद्वार) सिडकुल।नवरात्रि के शुभ अवसर पर हरिद्वार पुलिस ने जनता को एक ऐसा तोहफ़ा दिया है, जिसने न केवल खोए हुए मोबाइल फोन के स्वामियों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई, बल्कि आमजन के मन में पुलिस की छवि को और अधिक मजबूत किया है। थाना सिडकुल हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन रिकवरी के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए खोए और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी में शानदार उपलब्धि हासिल की। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 70 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी बाज़ार कीमत लगभग ₹14 लाख 68 हजार आंकी गई।

एसएसपी की रणनीति और पुलिस की मेहनत

एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में यह अभियान शुरू किया गया। एसएसपी ने अपनी टीम को स्पष्ट निर्देश दिए कि चोरी या गुमशुदा मोबाइलों की शिकायतों पर त्वरित और ठोस कार्रवाई की जाए। इसके लिए CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) का सहारा लिया गया। इस पोर्टल की खासियत यह है कि इसमें मोबाइल की IMEI संख्या दर्ज करने के बाद नेटवर्क कंपनियों की मदद से फोन को ट्रैक किया जा सकता है। एसएसपी के निर्देशों के बाद थाना सिडकुल पुलिस ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और लगातार कई दिनों तक मेहनत कर मोबाइलों को ढूंढ निकाला।

तकनीक बनी सबसे बड़ा हथियार

आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन न केवल संचार का साधन है, बल्कि व्यक्ति के निजी और व्यावसायिक जीवन का अहम हिस्सा भी है। फोन के खो जाने पर उसमें मौजूद व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग डाटा, ज़रूरी दस्तावेज़ और यादें भी खतरे में पड़ जाती हैं। ऐसे में CEIR पोर्टल का उपयोग हरिद्वार पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित हुआ। पुलिस ने इस तकनीक के माध्यम से मोबाइल के IMEI नंबर को ट्रैक कर उन्हें ढूंढने की प्रक्रिया को तेज़ किया।

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बरामद मोबाइलों का विवरण और पीड़ितों की खुशी

बरामद किए गए 70 मोबाइल फोन में कई फोन ऐसे थे जो बाहरी राज्यों से हरिद्वार में रोज़गार के लिए आए सिडकुल क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों के कर्मचारियों के थे। इसके अलावा कुछ फोन स्थानीय निवासियों के भी थे, जो लंबे समय से अपने फोन मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे। जब पुलिस ने उन्हें उनके मोबाइल वापस सौंपे तो उनके चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने अपने फोन को हमेशा के लिए खो चुका मान लिया था, लेकिन पुलिस की इस मेहनत ने उनकी उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया।

जनता की सराहना और भरोसा

मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद थाना सिडकुल पहुंचकर जब लोग अपने फोन लेने आए, तो उन्होंने हरिद्वार पुलिस की इस मुहिम की खुलकर तारीफ की। लोगों ने कहा कि पुलिस ने त्योहार के समय उन्हें एक ऐसा तोहफ़ा दिया है, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। खासकर उन कर्मचारियों के लिए यह राहत की बात थी जो दूर-दराज़ राज्यों से हरिद्वार में काम करने आते हैं और मोबाइल चोरी होने पर घर वालों से बात करने में भी कठिनाई का सामना करते हैं।

टीम का सराहनीय योगदान

इस सफलता के पीछे ASP निशा यादव (IPS), थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, हेड कांस्टेबल विवेक यादव, हेड कांस्टेबल देवेन्द्र चौधरी और महिला कांस्टेबल निधि की कड़ी मेहनत और समर्पण रहा। इन सभी ने दिन-रात मेहनत कर मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित बरामद किया। पुलिस टीम ने न केवल तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिया, बल्कि कई स्थानों पर जाकर भौतिक जांच भी की।

 

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पुलिस की अपील और जिम्मेदारी

हरिद्वार पुलिस ने इस अवसर पर आमजन से अपील की है कि यदि किसी को कोई लावारिस मोबाइल फोन मिलता है तो उसे तुरंत नज़दीकी थाना या पुलिस चौकी में जमा कराएं।

पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लापरवाही न करें, क्योंकि खोए हुए फोन का गलत इस्तेमाल होने की आशंका बनी रहती है। साथ ही पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि वे अपने फोन की IMEI संख्या हमेशा सुरक्षित रखें ताकि गुम होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

 

सिर्फ बरामदगी नहीं, भरोसे का संदेश

हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई केवल मोबाइल फोन की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक भी है।

त्योहारों के मौसम में जहां चोरी और गुमशुदगी के मामले अक्सर बढ़ जाते हैं, वहीं पुलिस ने इस ऑपरेशन के जरिए यह साबित किया है कि यदि तकनीक और टीमवर्क का सही इस्तेमाल किया जाए तो बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।

 

आगे की योजना

एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने आश्वासन दिया कि ऑपरेशन रिकवरी को आगे भी जारी रखा जाएगा। उनका कहना है कि CEIR पोर्टल का उपयोग कर हर खोए हुए मोबाइल को खोजने की पूरी कोशिश की जाएगी।

साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि उनका फोन खो जाता है तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

 

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नवरात्रि के मौके पर खास तोहफा

नवरात्रि के पावन अवसर पर हरिद्वार पुलिस का यह प्रयास जनता के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। जब पीड़ितों ने अपने-अपने फोन वापस पाए, तो उनके चेहरे पर वही चमक और खुशी देखने को मिली, जो त्योहारों की रौनक को और बढ़ा देती है। लोग पुलिस टीम की सराहना करते नहीं थक रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इस अभियान की खूब चर्चा हो रही है।

 

निष्कर्ष

थाना सिडकुल हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाया गया ऑपरेशन रिकवरी एक मिसाल है कि कैसे सही नेतृत्व, आधुनिक तकनीक और टीमवर्क से जनता की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। इस अभियान ने न केवल 70 मोबाइल फोन के स्वामियों को उनका खोया सामान लौटाया, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे के रिश्ते को भी और मजबूत बनाया। हरिद्वार पुलिस का यह प्रयास अन्य जिलों और राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है कि अपराध और गुमशुदगी पर काबू पाने में तकनीकी साधनों का कैसे बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

 

नवरात्रि के शुभ दिनों में पुलिस की इस पहल ने

यह संदेश दिया है कि जनता की सुरक्षा और उनकी मुस्कान ही असली त्योहार है।

 

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