(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 01 जून 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह ने जनपद के सभी 06 सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के मई 2026 माह के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इस कार्रवाई से पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों से स्वच्छता व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
इन शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से कई बार सूचनाएं और रिपोर्ट मांगी गईं, लेकिन अपेक्षित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई।
स्वच्छता कार्यों की निगरानी में मिली गंभीर लापरवाही
प्रशासनिक जांच के दौरान यह भी सामने आया कि स्वजल परियोजना के अंतर्गत विकास खंडों को उपलब्ध कराए गए वाहनों का निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया।
वहीं ग्राम पंचायतों में सूखे कूड़े के संग्रहण एवं उसके निस्तारण से संबंधित शासन और विभागीय आदेशों का भी प्रभावी ढंग से अनुपालन नहीं कराया गया।
डीपीआरओ ने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्रों में नियमित अनुश्रवण नहीं किए जाने के कारण कई स्थानों पर स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके अलावा विभाग को समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध न कराए जाने से प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई।
कार्रवाई से अधिकारियों में मचा हड़कंप
मामले को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने जनपद हरिद्वार के सभी छह सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के मई माह के वेतन पर रोक लगाने का निर्णय लिया। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले आदेश तक वेतन आहरित नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ एवं कूड़ा मुक्त बनाना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी स्वच्छता अभियान और पंचायत कार्यों की निगरानी की है, उनसे जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
भविष्य में होगी और सख्त कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कार्यों में लापरवाही बरती जाती है या विभागीय निर्देशों की अनदेखी की जाती है तो उसके खिलाफ और भी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाना और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करना है, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।


























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