(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 को दिव्य, भव्य और विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है।
इसी क्रम में सोमवार को प्रदेश के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेले से जुड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं और विभिन्न विभागों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि कुंभ से जुड़े किसी भी कार्य में देरी, लापरवाही या गुणवत्ता में कमी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीसीआर भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने सभी विभागों की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन किया और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेला केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था और संस्कृति का सबसे बड़ा आयोजन है। ऐसे में इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई राज्य की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है।
“कुंभ में आएगा करोड़ों श्रद्धालुओं का सैलाब”
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके लिए सड़क, पुल, पार्किंग, घाट, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं को समय से पहले मजबूत किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करे और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में गंभीरता से काम करे।
“कुंभ केवल आयोजन नहीं, उत्तराखंड की पहचान और प्रतिष्ठा का प्रश्न है। इसलिए हर परियोजना समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए।”
मंत्री ने विशेष रूप से सड़कों, पुलों, घाटों और पार्किंग स्थलों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को भी अत्याधुनिक बनाया जाएगा।
मानसून से पहले तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने आगामी मानसून को देखते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान कई परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है। इसलिए वर्तमान समय का अधिकतम उपयोग करते हुए अधिक से अधिक कार्य मानसून से पहले पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में तकनीकी, प्रशासनिक अथवा वित्तीय बाधा आ रही है तो उसे तत्काल शासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
“जो अधिकारी और विभाग समय पर काम पूरा करेंगे, वही कुंभ-2027 की सफलता के असली भागीदार कहलाएंगे।”
घाट निर्माण के लिए यूपी सरकार से सहयोग लिया जाएगा
समीक्षा बैठक में गंग नहर पर निर्माणाधीन घाटों के कार्यों की भी चर्चा हुई। मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि घाट निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए गंगा नहर की क्लोजर अवधि बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके लिए वह उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री से स्वयं वार्ता कर आवश्यक सहयोग प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि घाट कुंभ मेले की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक हैं और इनका निर्माण हर हाल में निर्धारित समय पर पूरा होना चाहिए।
धामी सरकार की प्राथमिकता है कुंभ-2027
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कुंभ मेला-2027 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दो टूक कहा कि कुंभ की तैयारियों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आयोजन कराना नहीं बल्कि ऐसा कुंभ आयोजित करना है जो व्यवस्थाओं और सुविधाओं के मामले में देश-दुनिया के लिए उदाहरण बने।
“सरकार की मंशा साफ है—कुंभ-2027 ऐसा हो कि हर श्रद्धालु हरिद्वार से सुखद और अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटे।”
मेलाधिकारी सोनिका ने रखी प्रगति रिपोर्ट
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला-2027 से संबंधित सभी स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की गई है और उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि निर्माणाधीन घाटों के कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर गंगा नहर की क्लोजर अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
शंकराचार्यों को आमंत्रण, अखाड़ों से लगातार संवाद
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि सरकार ने कुंभ मेला-2027 के लिए शंकराचार्यों को भी सादर आमंत्रित किया है। इसके साथ ही सभी अखाड़ों, संत-महात्माओं और धार्मिक संस्थाओं से लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत समाज का सहयोग कुंभ मेले की आत्मा है और उनके सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है।
सीसीआर-2 भवन और एडमिन रोड का किया निरीक्षण
हरिद्वार दौरे के दौरान मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सीसीआर-2 भवन और एडमिन रोड के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और निर्माण गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि कुंभ मेले से जुड़ी सभी परियोजनाएं राज्य सरकार की प्रतिष्ठा से जुड़ी हैं। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ मेला) आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा का यह दौरा साफ संकेत देता है कि राज्य सरकार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अब सभी विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा कर श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित, सुविधाजनक और भव्य कुंभ का आयोजन सुनिश्चित करना है।संभावित हेडलाइन:
“कुंभ-2027 पर मंत्री कैड़ा का सख्त संदेश: देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हरिद्वार में निर्माण कार्यों की ली क्लास”


























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