(शहजाद अली हरिद्वार)दिनांक 28 एवं 29 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में इंडस्ट्री ऑल ग्लोबल यूनियन द्वारा एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
इस वर्कशॉप में दुनिया भर में घटते रोजगार, रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ते कदम और इससे जुड़ी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। इसमें विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के विशेषज्ञ, यूनियन प्रतिनिधि और नीति-निर्माता शामिल हुए।
वर्कशॉप में भारत से प्रमुख उपस्थिति दर्ज कराते हुए इंटेक के केंद्रीय नेता, महामंत्री – ऑल इंडिया भेल एम्प्लाइज फेडरेशन (इंटक), राष्ट्रीय सचिव – इंटक, और प्रदेश उपाध्यक्ष – इंटक, राजबीर सिंह ने विचार रखे।
उन्होंने बदलते वैश्विक परिदृश्य में श्रमिक हितों की रक्षा के लिए ठोस नीति निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत की ओर से राष्ट्रीय इंटक के नेता राजबीर सिंह जी ने कहा:
> “आज हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहाँ तकनीकी परिवर्तन, ग्रीन एनर्जी की ओर झुकाव और निजीकरण की नीतियाँ श्रमिकों के लिए नई चुनौतियाँ लेकर आ रही हैं।
ऐसे में यह आवश्यक है कि ट्रांजिशन फेयर हो – न केवल पर्यावरण को बचाने वाला, बल्कि मज़दूरों के अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने वाला।”
उन्होंने विशेष रूप से भेल जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सरकार और नीतिकार समय रहते समन्वित रणनीति नहीं अपनाते, तो आने वाले वर्षों में लाखों श्रमिक बेरोजगारी का शिकार हो सकते हैं।
भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय इंटक के नेता राजबीर सिंह ने सुझाव दिया कि:
1. ग्रीन ट्रांजिशन में श्रमिकों को शामिल किया जाए – नई तकनीकों और ऊर्जा स्रोतों को अपनाते समय मजदूर संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
2. पुनः प्रशिक्षण (री-स्किलिंग) कार्यक्रमों की शुरुआत हो – ताकि पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारियों को रिन्यूएबल सेक्टर में रोजगार मिले।
3. सरकारी उपक्रमों को कमजोर करने की नीतियाँ बंद हों – विशेष रूप से भेल जैसी संस्थाओं को निजी हाथों में सौंपने से बचा जाए।
4. एक राष्ट्रीय नीति बने “Just Transition” के लिए, जो रोजगार सुरक्षा और पर्यावरणीय हितों के बीच संतुलन बनाए।
वर्कशॉप के दौरान भारत के अलावा एशियाई , खाड़ी और अफ्रीका महाद्वीप देशों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देना आवश्यक है, लेकिन इसके प्रभाव से मजदूरों को बचाना भी उतना ही जरूरी है।
वर्कशॉप का समापन सकारात्मक संवाद और ठोस सुझावों के साथ हुआ। इंडस्ट्री ऑल के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि वे इन मुद्दों को वैश्विक मंचों पर उठाएंगे और नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
इस वर्कशॉप में भारत के प्रतिनिधि ओर और इंटेक कांग्रेस के राजबीर सिंह की भागीदारी और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे श्रमिक हितों के लिए महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं,
जिससे उम्मीद है कि आने वाले समय में “Just Transition” की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।


























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