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“मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने किया हरिद्वार प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लांट का निरीक्षण, कचरे से बनेंगी पंचायतों में काम आने वाली कुर्सियाँ-मेज”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार । मुख्य विकास अधिकारी ने आज भगवानपुर ब्लॉक के मुजाहिदपुर सतीवाला में स्थित प्लास्टिक वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट का निरीक्षण किया।
इस प्लांट को उत्तराखंड के पंचायतीराज निदेशालय द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से 2022 में स्थापित किया गया था। अक्टूबर 2022 में इसे हरिद्वार जिला पंचायत को सौंप दिया गया था, जो इसका संचालन कर रही है। जिला पंचायत ने प्लांट में जरूरी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 3 करोड़ रुपये भी खर्च किए हैं। इसके अलावा, प्लांट के संचालन और कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने करीब 7 लाख रुपये खर्च होते हैं।
निरीक्षण के दौरान, सीडीओ ने पाया कि प्लांट में सभी ब्लॉक स्तर के कॉम्पैक्टर शेडों से जो प्लास्टिक कचरा पहुँच रहा है, उसका उपयोग करके, बेंच और टेबल बनाने जैसे सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

जारी किए गए निर्देश:
मुख्य विकास अधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी को निर्देश दिया कि जब तक प्लांट को लीज पर देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्लांट का नियमित संचालन और प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण जारी रखा जाए।
उन्होंने जिला पंचायतराज अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि ग्राम पंचायतों से कचरा लगातार कॉम्पैक्टर शेडों तक पहुँचे। प्लांट में पुनर्चक्रण से बनी प्लास्टिक की वस्तुएं, जैसे कुर्सियाँ और मेज, सभी ग्राम पंचायतों को बेची जाएं या उपयोग के लिए भेजी जाएं। इससे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान होगा, पर्यावरण को लाभ मिलेगा, और कम लागत में बनी इन वस्तुओं से आय भी प्राप्त होगी। उन्होंने प्लांट के बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को तुरंत ठीक कराने और परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने का भी निर्देश दिया। इस पहल से न केवल कचरा प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण के लिए एक स्थायी मॉडल भी स्थापित करेगा।

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