(शहजाद अली हरिद्वार)रुड़की। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। बाजारों में बिना लेबल वाली सॉस की बोतलों की बिक्री और लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रुड़की के मतलबपुर क्षेत्र स्थित एक सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी की।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर विभागीय टीम ने बिना लेबल की वेजिटेबल सॉस की 351 बोतलों को मौके पर सीज कर दिया। वहीं, अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में निर्मित और स्टॉक में रखी करीब 8 क्विंटल सॉस को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। नष्ट कराई गई सॉस की अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई गई है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि जनपद में लगातार मिल रही शिकायतों और बाजारों में बिना लेबल वाली सॉस की बोतलों की बिक्री से संबंधित सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए 29 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने यह कार्रवाई की। उनके नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और पवन कुमार की टीम ने मतलबपुर, रुड़की स्थित सॉस निर्माण इकाई ‘मां भगवती फूड्स’ का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम को इकाई में बिना लेबल वाली वेजिटेबल सॉस की 351 बोतलें मिलीं। जांच में पाया गया कि इन बोतलों पर आवश्यक लेबलिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित नहीं थीं। बोतलों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि, निर्माता का नाम एवं पता, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और सामग्री यानी इंग्रीडिएंट्स की सूची जैसी जरूरी सूचनाएं दर्ज नहीं थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन बोतलों को मौके पर ही सीज कर दिया।
कार्रवाई के दौरान सॉस निर्माण इकाई में स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। विभागीय टीम के निरीक्षण में सॉस निर्माण में इस्तेमाल की जा रही मशीनों में अत्यधिक गंदगी मिली। इसके अलावा इकाई की दीवारों और फर्श पर भी गंदगी जमी हुई थी। टीम ने सॉस निर्माण की प्रक्रिया और वहां रखे स्टॉक की भी जांच की।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से निर्मित वेजिटेबल सॉस सहित कुल दो नमूने संग्रहित किए, जिन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान इकाई संचालक द्वारा कई आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इनमें निर्माण में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र और सॉस की पैकिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही प्लास्टिक बोतलों के फूड ग्रेड सर्टिफिकेट सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, लेबलिंग प्रावधानों के उल्लंघन, अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में सॉस निर्माण और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण निर्मित एवं स्टॉक में रखी करीब 8 क्विंटल सॉस को मौके पर नष्ट कराया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई गई है। साथ ही संबंधित इकाई में सॉस एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, संग्रहण और विक्रय पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई है। इस संबंध में नोटिस भी फैक्ट्री के गेट पर चस्पा कर दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, पैकिंग अथवा वितरण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




































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