(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने रविवार को जिले में व्यापक अभियान चलाया।
माननीय खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड श्री विनय शंकर पाण्डेय एवं जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में विभाग की तीन टीमों ने बहादराबाद, धनौरी, भूपतवाला, भगवानपुर और गागालेहड़ी क्षेत्र में स्थित स्थायी एवं अस्थायी ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंटों और खाद्य स्टॉलों का निरीक्षण किया।
इस दौरान कुल 43 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जबकि विभिन्न खाद्य पदार्थों के 6 नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए संग्रहित किए गए।
बहादराबाद-धनौरी मार्ग पर सबसे बड़ी कार्रवाई
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन एवं योगेन्द्र पाण्डेय की टीम ने बहादराबाद से धनौरी कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण किया। यहां कुल 16 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान 9 ढाबों एवं भोजनालयों में फूड लाइसेंस नहीं मिला और संचालक आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सके।
इस पर विभाग ने मौके पर ही सभी 9 प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर फूड लाइसेंस बनवाकर प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। टीम ने संचालकों को रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा करने, बासी भोजन का विक्रय न करने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा सभी प्रतिष्ठानों में फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड भी लगवाए गए।
तीन खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे
निरीक्षण के दौरान पहली टीम ने दही, दूध और खाद्य तेल के तीन नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भूपतवाला में व्यवस्थाएं मिली संतोषजनक
खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा के नेतृत्व में दूसरी टीम ने भूपतवाला क्षेत्र में स्थित 10 ढाबों एवं होटलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सभी प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस, आवश्यक दस्तावेज और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड प्रदर्शित मिले।
टीम ने संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भगवानपुर से गागालेहड़ी तक भी चला अभियान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में तीसरी टीम ने भगवानपुर से गागालेहड़ी तक स्थित 17 ढाबों और होटलों का निरीक्षण किया।
यहां भी सभी प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड मौजूद पाए गए। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रुड़की क्षेत्र से भी लिए गए नमूने
इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव ने कांवड़ पटरी मार्ग, तहसील रुड़की क्षेत्र में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों से सरसों का तेल, चॉकलेट और बेवरेज के तीन नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। इनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विभाग ने सभी होटल, ढाबा एवं खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें तथा केवल गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री ही श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराएं। आने वाले दिनों में भी जिलेभर में इस तरह के विशेष निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।




































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