(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 07 अक्टूबर। बीएचईएल हरिद्वार में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और राजभाषा कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजभाषा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के दौरान आयोजित विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं एवं प्रोत्साहन योजनाओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह को संबोधित करते हुए कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, इंटरनेट और डिजिटल मीडिया के मौजूदा दौर में हिंदी की प्रभावशीलता और अधिक बढ़ी है। कंप्यूटर और अन्य डिजिटल माध्यमों पर हिंदी में कार्य करना अब पहले की अपेक्षा काफी सरल हो गया है। उन्होंने कहा कि बीएचईएल हरिद्वार के अधिकारी और कर्मचारी राजभाषा कार्यान्वयन के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
रंजन कुमार ने कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है कि बीएचईएल हरिद्वार इकाई को विभिन्न मंचों पर लगातार सम्मान प्राप्त हो रहा है। उन्होंने राजभाषा को कार्यालयीन कार्यों में अधिकाधिक प्रयोग करने पर जोर दिया।
इससे पहले अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) पार्थ सारथी गौड़ा ने अतिथियों एवं पुरस्कार विजेताओं का स्वागत किया। उन्होंने बीते वर्ष हरिद्वार प्रभाग में राजभाषा कार्यान्वयन के तहत आयोजित गतिविधियों और उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी।
समारोह में कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार एवं महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुमति शर्मा ने विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें राजभाषा उत्सव की प्रतियोगिताओं, विभागीय राजभाषा वैजयंती, राजभाषा चक्रों और व्यक्तिगत पुरस्कारों के विजेता शामिल रहे। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों के परिजनों के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बीएचईएल हरिद्वार की गृह पत्रिका ‘भेल गंगा’ का विमोचन भी किया गया। उप प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती शशी सिंह ने समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर बीएचईएल के महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, हिंदी समितियों के पदाधिकारी तथा यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह ने हिंदी के प्रति कर्मचारियों की सहभागिता और राजभाषा के निरंतर विस्तार का संदेश दिया।








































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