(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जन स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर छह वरिष्ठ और कनिष्ठ इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, संबंधित अधिकारियों पर अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और जन स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाने के आरोप हैं। कार्रवाई उत्तराखण्ड जल संस्थान और पेयजल निगम से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ की गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि पेयजल जैसी आवश्यक सेवा में गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सरकार ने एक दिन पहले ही फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले में भी कड़ा एक्शन लिया था। लगातार हो रही कार्रवाई से अधिकारियों में जवाबदेही का संदेश गया है।
सरकार ने संबंधित विभागों को पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी और जन स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।








































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