न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: उत्तराखंड को विकास की बड़ी सौगात! अमित शाह और सीएम धामी ने खोला योजनाओं का पिटारा, ₹1475 करोड़ की 62 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास BIG BREAKING:: भालू से भिड़े, उफनती नदी में बचाई जान, आफत में बने ढाल! अमित शाह और CM धामी ने 6 नन्हे वीरों को किया सम्मानित, हर बच्चे को मिले ₹51 हजार BIG BREAKING:: उत्तराखण्ड राज्योत्सव में 15 विभूतियों का सम्मान, अमित शाह और सीएम धामी ने प्रदान किया ‘उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2026’ BIG BREAKING:: अमित शाह का बड़ा ऐलान: विकसित भारत की उड़ान उत्तराखंड से भरेगी रफ्तार, 1475 करोड़ की 62 परियोजनाओं से विकास को मिलेगा नया आयाम! BIG BREAKING:: बहादराबाद CHC में गर्भवती महिलाओं को बड़ी सौगात, अब सप्ताह में दो दिन होगी अल्ट्रासाउंड जांच; जल्द शुरू होगी सिजेरियन प्रसव की सुविधा BIG BREAKING:: दीपावली पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का खास संदेश—हर घर रोशन हो खुशियों से, हर दिल में जगे भाईचारे की लौ, शांति और सौहार्द के साथ मनाएं त्योहार!
Home » सम्मानित » BIG BREAKING:: भालू से भिड़े, उफनती नदी में बचाई जान, आफत में बने ढाल! अमित शाह और CM धामी ने 6 नन्हे वीरों को किया सम्मानित, हर बच्चे को मिले ₹51 हजार

BIG BREAKING:: भालू से भिड़े, उफनती नदी में बचाई जान, आफत में बने ढाल! अमित शाह और CM धामी ने 6 नन्हे वीरों को किया सम्मानित, हर बच्चे को मिले ₹51 हजार

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में प्रदेश के छह बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। विभिन्न परिस्थितियों में अदम्य साहस, वीरता एवं सूझबूझ का परिचय देने वाले इन बच्चों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को ₹51 हजार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम बार मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इस पुरस्कार के लिए राज्य स्तर पर प्राप्त आवेदनों में से छह बच्चों का चयन किया गया। इनमें जनपद चमोली के तीन तथा चम्पावत, देहरादून एवं टिहरी गढ़वाल के एक-एक बच्चे शामिल हैं।

जनपद चमोली की दिव्या, दीपिका एवं आरव सिंह को भालू के हमले के दौरान साहस एवं सूझबूझ का परिचय देने के लिए सम्मानित किया गया। 22 दिसम्बर 2025 को जीआईसी यूपीएस हरिशंकर, चमोली में प्रातः लगभग 9:30 बजे एक भालू विद्यालय परिसर में घुस आया था। भालू ने कक्षा छह के छात्र आरव सिंह पर हमला कर दिया। आरव ने स्वयं को बचाने के लिए संघर्ष किया, जबकि कक्षा आठ की छात्रा दिव्या ने भालू का पीछा कर आरव को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान दिव्या ने आरव को सुरक्षित विद्यालय तक पहुंचाने में सहायता की। वहीं दीपिका ने तत्काल अन्य नौ विद्यार्थियों को कक्षा सात के कमरे में पहुंचाकर सुरक्षित किया। तीनों बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों में साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।

ALSO READ  "शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कांवड़ मेला-2025 की ऐतिहासिक सफलता पर उनके आवास पर जाकर किया सम्मानित"

जनपद चम्पावत की कु. माया को नदी के तेज बहाव में फंसी एक बालिका को बचाने के लिए सम्मानित किया गया। 05 अगस्त 2025 को भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया था। एक बालिका तेज धारा में बहने लगी। माया ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने का प्रयास किया और तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान माया स्वयं भी घायल हो गई थीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस का परिचय देते हुए एक बालिका का जीवन बचाया।

जनपद देहरादून की कु. आराध्या को बादल फटने की घटना के दौरान साहस एवं सतर्कता दिखाने के लिए सम्मानित किया गया। 02 जून 2026 की संध्या को भारी बारिश के कारण अचानक मलबा और पानी आने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। आराध्या ने खतरे को भांपते हुए घर में मौजूद सभी 17 लोगों को तत्काल सतर्क किया, जिससे वे सुरक्षित स्थान पर पहुंच सके। इसके साथ ही उन्होंने तीन वर्षीय एक छोटी बच्ची को पानी के तेज बहाव से भी बचाया। उनकी सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

जनपद टिहरी गढ़वाल की कु. श्वेता को एक बुजुर्ग व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए सम्मानित किया गया। 30 जनवरी 2025 को एक बुजुर्ग व्यक्ति सड़क पर लाठी के सहारे चल रहे थे। इसी दौरान सामने से एक वाहन तेजी से आ रहा था। श्वेता ने तत्काल बुजुर्ग का हाथ पकड़कर उन्हें सड़क के किनारे सुरक्षित किया। उनकी तत्परता से बुजुर्ग व्यक्ति की जान बच गई।

मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार का उद्देश्य असाधारण साहस, वीरता एवं सूझबूझ का परिचय देने वाले बच्चों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करना है। इस पहल के माध्यम से ऐसे बच्चों के साहसिक कार्यों को पहचान देने के साथ ही अन्य बच्चों को भी कठिन परिस्थितियों में साहस, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 4 7 5 4
Users Today : 128
Users Yesterday : 483
[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 4 7 5 4
Users Today : 128
Users Yesterday : 483