(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को एक भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य तब सामने आया जब मुख्यमंत्री का काफिला भारामल दर्शन के उपरांत पीलीभीत रोड से गुजर रहा था। मुख्यमंत्री अचानक सड़क किनारे भुट्टा भून रहे श्री महातम की ठेली पर रुके।
मुख्यमंत्री ने न केवल स्वयं भुट्टा भूना, बल्कि वहां मौजूद एक वृद्ध महिला को भी अपने हाथों से भुना हुआ भुट्टा सौंपा और उनका हालचाल जाना।
इस आत्मीयता ने वहाँ मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। इसके बाद उन्होंने स्वयं भी भुट्टे का स्वाद लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी स्थानीय उत्पादों को महत्व देते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “स्थानीय श्रमिकों और छोटे व्यापारियों की मेहनत ही राज्य की असली ताकत है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं, स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और उद्यमिता को अपनाएं।
मुख्यमंत्री का यह व्यवहार उनके जनता से जुड़ाव, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। यह पहल न केवल स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा भी है।


























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