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Home » सैलाब » “सावन के आखिरी सोमवार पर कनखल में उमड़ा आस्था का सैलाब, दक्षेश्वर महादेव के दरबार में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे”

“सावन के आखिरी सोमवार पर कनखल में उमड़ा आस्था का सैलाब, दक्षेश्वर महादेव के दरबार में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। सावन के आखिरी सोमवार के अवसर पर भगवान शिव की ससुराल कनखल स्थित प्राचीन दक्षेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह तड़के से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे और भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

पौराणिक मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव अपनी ससुराल कनखल में दक्षेश्वर महादेव के रूप में विराजमान रहते हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी मान्यता के चलते सावन के अंतिम सोमवार को मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला।

श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद, शक्कर, तिल, जौ, अक्षत, गिलोय का रस, गन्ने का रस, बेलपत्र, पुष्प और मिष्ठान अर्पित कर अभिषेक किया। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।

मान्यता के अनुसार श्रावण मास की समाप्ति के बाद भगवान शिव कनखल से कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान करते हैं। 28 अगस्त को रक्षाबंधन एवं श्रावणी पर्व के दिन भगवान शिव के कनखल से कैलाश प्रस्थान की धार्मिक मान्यता है। चातुर्मास के दौरान भगवान शिव से जुड़ी विभिन्न धार्मिक परंपराओं के चलते कनखल में सावन के अंतिम सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है।

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