(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 5 जुलाई। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी सहकारिता सप्ताह उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।
इसी क्रम में रविवार को हरिद्वार स्थित जिला सहकारी बैंक परिसर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जनप्रतिनिधियों एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष दो लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराएगी तथा प्रदेश में 55 नई सहकारी बैंक शाखाएं भी खोली जाएंगी।
देशभर में मनाया जा रहा सहकारिता सप्ताह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पांच वर्ष पूर्व देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था। इस मंत्रालय की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को सौंपी गई, जिसके बाद सहकारिता क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिले हैं।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने पर 29 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश में सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान किसान गोष्ठियां, सहकारिता सम्मेलन, जागरूकता कार्यक्रम और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।
देश में एक करोड़ और उत्तराखंड में रिकॉर्ड पौधारोपण का लक्ष्य
डॉ. रावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने पूरे देश में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक जिले और प्रत्येक सहकारी समिति को इस अभियान से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
30 लाख किसानों से जुड़ा है सहकारिता विभाग
सहकारिता मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सहकारिता विभाग आज किसानों की आर्थिक रीढ़ बन चुका है। प्रदेश के लगभग 30 लाख किसान किसी न किसी रूप में सहकारिता व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। विभाग किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक, विपणन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है ताकि खेती लाभकारी व्यवसाय बन सके।
दो लाख किसानों को मिलेगा शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण
कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणा करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के दो लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को खेती के लिए सस्ता और आसान वित्तीय सहयोग मिलेगा तथा उन्हें साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की लागत कम करना और उनकी आय में वृद्धि करना है। इसके लिए सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
300 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंचे सहकारी बैंक
डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में किए गए सुधारों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड के सभी सहकारी बैंक मिलकर लगभग 300 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ में पहुंच चुके हैं। यह प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि पहले जिन संस्थाओं को घाटे की दृष्टि से देखा जाता था, आज वही संस्थाएं किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का कार्य कर रही हैं।
55 नई बैंक शाखाएं खोलने का फैसला
ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस वर्ष प्रदेश में 55 नई सहकारी बैंक शाखाएं खोलने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसानों, महिलाओं और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बैंकिंग सुविधाएं अपने नजदीक उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से भी सहकारी बैंकों को और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।
‘खेत बचाओ अभियान’ और ऑर्गेनिक खेती पर विशेष फोकस
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार अब ‘खेत बचाओ अभियान’ को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य कृषि भूमि का संरक्षण करना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां जैविक खेती के लिए बेहद अनुकूल हैं। इसलिए सरकार किसानों को धीरे-धीरे ऑर्गेनिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
इससे किसानों की आय बढ़ेगी, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्यान्न उपलब्ध होगा।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान सहकारिता मंत्री सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है और इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
कार्यक्रम का संचालन जिला सहकारी बैंक लिमिटेड हरिद्वार के प्रशासक एवं निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड आनंद ए.डी. शुक्ल ने किया। अतिथियों का स्वागत जिला सहायक निबंधक मोनिका चुनेरा तथा जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के सचिव एवं महाप्रबंधक सौ सिंह ने किया।
इस अवसर पर रानीपुर विधायक आदेश चौहान, महापौर किरण जैसल, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री मधु सिंह, ओमप्रकाश जमदग्नि, देशराज कर्णवाल, आदेश सैनी, विकास तिवारी, सुशील त्यागी, अनील चौहान सहित सहकारी समितियों के सभापति, संचालक सदस्य, बड़ी संख्या में किसान, सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधि तथा जिला सहकारी बैंक और सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
किसानों और पर्यावरण दोनों को मिलेगा लाभ
सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सहकारिता केवल बैंकिंग या ऋण व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक समृद्धि, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण का भी मजबूत माध्यम बन चुकी है।
राज्य सरकार की शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना, नई बैंक शाखाओं का विस्तार, खेत बचाओ अभियान और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने जैसी पहलें आने वाले समय में उत्तराखंड के किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती हैं। साथ ही व्यापक वृक्षारोपण अभियान जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने और हरित उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।




































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