(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशों पर परिवहन विभाग ने 06 और 07 जून 2026 को लक्जरी एवं अन्य यात्री बसों के खिलाफ विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया।
दो दिनों तक चले इस अभियान में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की गई, जिसके तहत 45 बसों के चालान किए गए, 6 बसों को सीज किया गया और 5 वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भेजी गई।
“यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, नियम तोड़ने वालों पर लगातार होगी कार्रवाई।”
परिवहन विभाग के अनुसार यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से चलाया गया।
अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कृष्णा पलारिया ने किया।
प्रमुख मार्गों और बस अड्डों पर हुई सघन जांच
अभियान के दौरान हरिद्वार, रुड़की, राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख यात्री मार्गों, बस अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर संचालित लक्जरी बसों तथा यात्री वाहनों की व्यापक जांच की गई। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों, इंटरसेप्टर वाहनों और तकनीकी निरीक्षण दलों ने संयुक्त रूप से वाहनों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, कर अदायगी, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, चालक लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी जांच की गई।
“सिर्फ कागज पूरे होना काफी नहीं, वाहन तकनीकी रूप से भी सुरक्षित होना चाहिए।”
सुरक्षा उपकरणों की भी हुई जांच
अधिकारियों ने बसों में लगे स्पीड गवर्नर, जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। कई वाहनों में इन सुरक्षा उपकरणों की कमी या तकनीकी खामियां पाई गईं।
जांच के दौरान कुछ बसों में फिटनेस संबंधी गंभीर कमियां सामने आईं, जबकि कई वाहनों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या सही स्थिति में नहीं पाए गए। ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई।
45 बसों के चालान, 6 बसें सीज
विशेष अभियान के दौरान कुल 45 बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। वहीं गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 6 बसों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीज की गई बसों में ऐसी कमियां पाई गईं जो सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती थीं। इसलिए विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें संचालन से रोक दिया।
“सुरक्षित सफर हर यात्री का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।”
5 वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति
अभियान के दौरान ऐसे वाहन भी मिले जो तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। विभाग ने इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5 वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए सक्षम प्राधिकारी को संस्तुति भेजी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस मानकों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बन सकती है। ऐसे में परिवहन विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन हो। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित परिवहन व्यवस्था केवल नियमों के सख्ती से पालन कराने पर ही संभव है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इसी प्रकार के विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
“नियमों का पालन करें, सुरक्षित यात्रा करें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।”
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही सक्रिय भूमिका
इस विशेष अभियान को सफल बनाने में परिवहन विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
अभियान में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, भारत भूषण, मुकेश भारती, रविन्द्र पाल सैनी, हरीश रावल, संगीता धीमान, नवीन तिवारी, के.के. बिजल्वाण तथा सम्भागीय निरीक्षक (तकनीकी) आनंद वर्धन सहित विभागीय टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वाहन स्वामियों से की गई अपील
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों और संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के सभी अभिलेख समय-समय पर अद्यतन रखें। साथ ही वाहनों का नियमित अनुरक्षण कराएं और सभी सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
विभाग का कहना है कि नियमों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी भी है। यदि सभी वाहन संचालक निर्धारित मानकों का पालन करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
“सुरक्षा पहले, सुविधा बाद में — यही सुरक्षित परिवहन की पहचान है।”
हरिद्वार में परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया यह विशेष अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि अब सड़क सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। प्रशासन का यह कदम न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा बल्कि यात्रियों के सुरक्षित सफर की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।


























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