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“कांवड़-कुंभ मेले से पहले अलर्ट मोड में पुलिस! आईजी राजीव स्वरूप की इंडस्ट्रियल एसोसिएशन संग बड़ी बैठक, ट्रैफिक- महिला सुरक्षा और श्रमिक सत्यापन पर सख्त निर्देश”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। आगामी कांवड़ और कुंभ मेले को लेकर गढ़वाल रेंज पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।

मेले के दौरान यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक क्षेत्रों में महिला सुरक्षा और श्रमिक सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर गुरुवार को सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजीव स्वरूप ने की, जिसमें विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में आईजी गढ़वाल ने स्पष्ट कहा कि आगामी कांवड़ और कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित फैक्ट्रियों, कंपनियों और बड़े संस्थानों को पुलिस प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करना होगा, ताकि मेले के दौरान आम जनता, कांवड़ यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।

आईजी ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों को अपने वाहनों के संचालन और शिफ्ट टाइमिंग को लेकर विशेष रणनीति तैयार करनी होगी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मार्गों की पहचान की जाए जहां भारी वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति बन सकती है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस और उद्योग प्रबंधन के बीच नियमित संवाद बनाए रखने की बात कही गई। आईजी गढ़वाल ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और उद्योगों की गतिविधियों को भी सुचारु बनाए रखना है।

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा भी रहा। आईजी ने सभी औद्योगिक संस्थानों को निर्देश दिए कि वे विशाखा गाइडलाइन के तहत महिला सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि विशेषकर नाइट शिफ्ट में कार्य करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित परिवहन, सीसीटीवी निगरानी, महिला हेल्प डेस्क और सुरक्षित कार्यस्थल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। किसी भी प्रकार की शिकायत या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्थानीय थाना पुलिस समय-समय पर औद्योगिक इकाइयों में जागरूकता शिविर आयोजित करेगी। इन शिविरों में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों जैसे 112 और 1090 के बारे में जानकारी दी जाएगी।

आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए श्रमिकों और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन बेहद जरूरी हो गया है।उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देशित किया कि उनके यहां कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी और श्रमिक का पुलिस सत्यापन जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को संवेदनशील क्षेत्रों में काम पर न रखा जाए।

उन्होंने कहा कि कई बार असामाजिक तत्व फर्जी पहचान के जरिए कंपनियों में प्रवेश कर लेते हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं। ऐसे में पुलिस सत्यापन अभियान को गंभीरता से लेना आवश्यक है।आईजी ने संबंधित थाना प्रभारियों को भी निर्देश दिए कि सत्यापन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो।

बैठक में मौजूद उद्योग प्रतिनिधियों ने भी पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए उद्योग संगठन पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगे। कई पदाधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े सुझाव भी साझा किए।

इस अवसर पर पंकज गैरोला, जया बलूनी, अनुज कुमार सहित पटेलनगर, सेलाकुई और सहसपुर थाना क्षेत्रों के प्रभारी निरीक्षक तथा विभिन्न कंपनियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक को आगामी कांवड़ और कुंभ मेले की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन का मानना है

कि उद्योगों और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से मेले के दौरान न केवल यातायात व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी बड़ी मदद मिलेगी।

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