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“अनुशासन की मिसाल बनी 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार: सेनानायक डॉ. हरीश वर्मा ने परेड में जवानों का बढ़ाया उत्साह, व्यवस्थाओं का लिया कड़ा जायजा”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 29 मई।40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार में शुक्रवार को साप्ताहिक परेड का आयोजन अनुशासन और गरिमामय वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ।

परेड के अवसर पर वाहिनी के सेनानायक डॉ. हरीश वर्मा, आईपीएस ने परेड का मान-प्रणाम ग्रहण किया तथा जवानों की कार्यकुशलता, अनुशासन और समर्पण की सराहना की।सुबह आयोजित इस विशेष परेड में वाहिनी के जवान पूरी सजगता और अनुशासन के साथ शामिल हुए। परेड मैदान में जवानों के कदमताल और अनुशासित प्रदर्शन ने उपस्थित अधिकारियों को प्रभावित किया। सेनानायक डॉ. हरीश वर्मा ने परेड का निरीक्षण करते हुए जवानों को कर्तव्यनिष्ठा, समयपालन और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

 “अनुशासन ही किसी भी सुरक्षा बल की सबसे बड़ी ताकत होती है और सेवा भाव उसके सम्मान की पहचान।”

परेड के उपरांत सेनानायक द्वारा वाहिनी परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण भोजनालय की व्यवस्थाओं को देखा तथा जवानों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जवानों के स्वास्थ्य और सुविधाओं से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।इसके बाद सेनानायक ने वाहिनी पेट्रोल पम्प का निरीक्षण किया। यहां ईंधन भंडारण, वितरण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों की भी जांच की गई और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

 “जवानों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, व्यवस्थाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।”

निरीक्षण क्रम में गैस गोदाम का भी जायजा लिया गया। सेनानायक ने सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, अग्निशमन व्यवस्था और भंडारण प्रक्रिया का परीक्षण किया।उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।

वाहिनी परिसर में निर्माणाधीन नए सरकारी आवासों का निरीक्षण भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। सेनानायक डॉ. हरीश वर्मा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता पूर्ण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जवानों और उनके परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

 “बेहतर आवास और सुविधाएं मिलने से जवानों का मनोबल बढ़ता है और वे अधिक समर्पण के साथ अपने दायित्व निभाते हैं।”

इस दौरान वाहिनी के गार्दों का निरीक्षण करते हुए सेनानायक ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों से संवाद भी किया और उन्हें सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की सलाह दी।निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, अनुशासन और रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान उप सेनानायक श्री जोधराम जोशी, सहायक सेनानायक श्री राकेश रावत, शिविरपाल श्री आदेश कुमार, दलनायक श्री गणेश लाल, सूबेदार सैन्य सहायक श्री मंगल सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।सभी अधिकारियों ने सेनानायक को विभिन्न व्यवस्थाओं और चल रहे कार्यों की जानकारी दी।

शुक्रवार परेड के माध्यम से न केवल जवानों की कार्यक्षमता और अनुशासन का परीक्षण किया गया बल्कि वाहिनी परिसर की व्यवस्थाओं को भी परखा गया। इस तरह के निरीक्षण कार्यक्रमों से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।

पीएसी जैसी महत्वपूर्ण सुरक्षा इकाई में नियमित परेड और निरीक्षण का विशेष महत्व माना जाता है। इससे जवानों में अनुशासन की भावना मजबूत होती है और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा मिलती है।शुक्रवार परेड के दौरान दिखाई गई तत्परता और व्यवस्थाओं ने यह स्पष्ट किया कि 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रही है।

“अनुशासन, सेवा और समर्पण ही हमारी पहचान है — इसी मूल मंत्र के साथ पीएसी जवान निरंतर जनसेवा और सुरक्षा में जुटे हैं।”

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