न्यूज़ फ्लैश
“ऑपरेशन प्रहार का बड़ा धमाका: STF के शिकंजे में 15 म्यूल खाते, करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश, दो मास्टरमाइंड दबोचे!” “चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों पर सख्ती: हरिद्वार पहुंचीं आईजी विम्मी सचदेवा रमन, व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए कड़े निर्देश” “चारधाम यात्रा में ट्रैफिक का महाक्लेश! हरिद्वार में सख्त प्लान लागू—भारी वाहन बॉर्डर पर स्टॉप, जानिए कौन सा रूट रहेगा चालू और कहां लगेगा ब्रेक” “बहादराबाद में नारी शक्ति का महाकुंभ: ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में उमड़ा उत्साह का सैलाब, सशक्तिकरण की गूंज के बीच महिलाओं ने भरी बदलाव की हुंकार” “NH पर तेज रफ्तार का कहर: ड्यूटी पर जा रहे युवा डॉक्टर की दर्दनाक मौत, महिला डॉक्टर सदमे में—टक्कर मारकर फरार हुआ चालक, पुलिस जांच में जुटी” “इंतजार खत्म! CBSE 10वीं बोर्ड रिजल्ट जारी—अब बस रोल नंबर डालो और तुरंत देखो अपना स्कोर”
Home » देश » एक राष्ट्र, एक चुनाव – लोकतंत्र की सच्ची पहचान

एक राष्ट्र, एक चुनाव – लोकतंत्र की सच्ची पहचान

(शहजाद अली हरिद्वार) देहरादून।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री कमलेश रमन ने कहा कि आज़ादी के बाद भारत ने अपने लोकतंत्र की नींव बड़े विश्वास और समानता के सिद्धांतों पर रखी थी।

1952, 1957, 1962 और 1967 में पूरे देश में एकसाथ चुनाव हुए — वह भी तब, जब देश तकनीकी दृष्टि से नवजात था, संसाधन सीमित थे, और संचार के साधन नगण्य थे।

फिर क्या हुआ कि समय के साथ यह परंपरा टूटी? कारण स्पष्ट है — सत्ता में रही कांग्रेस ने चुनावों को अपनी राजनीतिक सुविधा का साधन बना लिया। राज्यों में अलग-अलग समय पर चुनाव करवा कर उन्होंने लोकतंत्र को बोझिल और महंगा बना दिया।

आज भारत एक नए युग में प्रवेश कर चुका है — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुशासन, पारदर्शिता और सबका साथ-सबका विकास की ओर अग्रसर है। “वन नेशन, वन इलेक्शन” इस सुशासन का मूल आधार बन सकता है।

आज हमारे पास हर संसाधन है — आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित कर्मचारी, मजबूत चुनाव आयोग, और सबसे बड़ी बात — एक जागरूक जनता। ऐसे में बार-बार चुनावों के कारण पड़ने वाला आर्थिक बोझ, प्रशासनिक ठहराव और विकास की रुकावट अब अस्वीकार्य है।

“एक देश, एक चुनाव” न केवल चुनाव प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाएगा, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को सशक्त करेगा। यह विचार केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पुनर्जागरण का प्रतीक है।

समय आ गया है कि हम फिर से उस व्यवस्था की ओर लौटें, जहां लोकतंत्र की शक्ति एकजुट हो — जहां जनादेश एक स्वर में बोले, और जनकल्याण बिना रुके आगे बढ़े।

 

202 Views
bahadrabadnews
Author: bahadrabadnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *