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“उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों को मिले वैश्विक पहचान: देहरादून में स्वर्णकारों की राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री धामी का आह्वान”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ की गोल्ड एपरेसल कार्यशाला और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड के स्वर्णकार समुदाय से आह्वान किया कि वे राज्य की पारंपरिक आभूषण कला को वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करें और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के लक्ष्य को साकार करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व भारतीय संस्कृति, कला और डिज़ाइन की ओर आकर्षित हो रहा है। इसलिए हमारे पारंपरिक डिज़ाइनों को आधुनिक मांगों के अनुरूप ढालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वर्णकारों का यह प्रयास नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में सहायक होगा।मुख्यमंत्री धामी ने आश्वासन दिया कि यदि स्वर्णकार संगठन राज्य में कौशल विकास, परंपरागत आभूषणों के संरक्षण और उनके वैश्वीकरण हेतु कोई ठोस प्रस्ताव लाते हैं, तो राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। सरकार राज्य में एक स्वर्णकार बोर्ड बनाने पर भी विचार कर रही है।उन्होंने स्वर्णकारों की ऐतिहासिक भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि वे केवल आभूषण निर्माता नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा के संवाहक हैं। कार्यक्रम में कई राज्यों से आए स्वर्णकारों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों की भागीदारी रही। यह आयोजन उत्तराखंड को वैश्विक ज्वैलरी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो सकता है।

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