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“पर्वतीय संघर्षों से पदक तक: चमोली की मानसी नेगी ने जर्मनी में रचा इतिहास, भारत को दिलाया विश्वस्तरीय सम्मान”

(शहजाद अली हरिद्वार)उत्तराखंड की होनहार बेटी मानसी नेगी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पहाड़ों की बेटियाँ किसी से कम नहीं होतीं। चमोली जिले के छोटे से गांव मजोठी की रहने वाली मानसी नेगी ने जर्मनी के राइन-रूहर में 16 से 27 जुलाई 2025 तक आयोजित FISU विश्व विश्वविद्यालय खेल 2025 में भारत का नाम गर्व से ऊँचा किया। उन्होंने वॉक रेस की टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर न सिर्फ प्रदेश, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया।

मानसी का यह सफर संघर्षों से भरा रहा है। सीमित संसाधनों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इससे पहले उन्होंने 37वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, गुवाहाटी में 10,000 मीटर रेस वॉक में स्वर्ण पदक जीतते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। 82वीं ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स, तमिलनाडु में भी 20 किमी वॉक रेस में उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

इसके अलावा, विश्व विश्वविद्यालय खेल 2023, चेंगदू (चीन) में भी वे भारत की महिला टीम का हिस्सा रहीं और कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।

मानसी की यह उपलब्धियाँ न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। यह सफलता बताती है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी सपना साकार किया जा सकता है

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