(शहजाद अली हरिद्वार)मकराना (राजस्थान)। हजरत ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की याद में आयोजित सालाना बड़ी छट्टी शरीफ फ़ातिहा का आयोजन खानकाह-ए-फ़साहती, मकराना में बड़े ही अदब, एहतराम और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम हुज़ूर साहिबे सज्जादा हज़रत ख़्वाजा मोहम्मद सबाहत हसन की जेरे सरपरस्ती में आयोजित किया गया, जिसमें दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और जायरीन ने शिरकत की।
दो दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन रविवार, 25 मई को हल्का-ए-ज़िक्र और महफ़िल-ए-समा का आयोजन किया गया।
महफ़िल में सूफियाना कलाम और नात-मनकबत पेश की गईं, जिनके जरिए हजरत ख़्वाजा गरीब नवाज़ की शिक्षाओं, इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाया गया। उपस्थित अकीदतमंदों ने ज़िक्र-अज़कार में हिस्सा लेकर मुल्क में अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआएं मांगीं।
दूसरे दिन कुल शरीफ की रस्म बड़े ही श्रद्धा और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अदा की गई। इस अवसर पर उलेमा-ए-किराम और सूफी बुजुर्गों ने हजरत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए लोगों से प्रेम, सहिष्णुता और मानव सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा और अकीदतमंदों ने इसे अपनी धार्मिक आस्था और सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव बताया।


























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