न्यूज़ फ्लैश
Almora:”डीएम अंशुल सिंह का बड़ा एक्शन, रानीखेत अस्पताल में जल्द शुरू होगी डायलिसिस सुविधा; खराब एक्स-रे मशीन भी तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश” Dehradun:शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा का बड़ा ऐलान: नगर निगम से नगर पंचायत तक विकास कार्यों में नहीं होगी देरी, सड़क-सीवर-पेयजल और स्ट्रीट लाइट पर फोकस” Dehradun:”एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार! 30 लाख की एमडीएमए-स्मैक के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार” Haridwar:स्कूल वाहनों पर बड़ा एक्शन! 54 की जांच में 30 पर चला चालान का डंडा, बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर परिवहन विभाग सख्त” Haridwar”एशियाई बॉक्सिंग में उत्तराखंड की बेटियों का पंच, हरिद्वार में पदक विजेता निकिता-काजल का भव्य सम्मान” Haridwar:रानीपुर पुलिस का बड़ा धमाका! यूपी-उत्तराखंड से चोरी 25 बाइक बरामद, दो शातिर चोर गिरफ्तार—न बिकने पर पार्ट्स निकालकर बेचते थे आरोपी”
Home » यात्रा » श्री केदारनाथ धाम यात्रा: आस्था, रोजगार और विकास का संगम

श्री केदारनाथ धाम यात्रा: आस्था, रोजगार और विकास का संगम

(शहजाद अली हरिद्वार) केदारनाथ। उत्तराखंड की आस्था का केंद्र श्री केदारनाथ धाम हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बाबा केदार के दर्शनों हेतु देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे न केवल धार्मिक आस्था को बल मिल रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया जीवन मिला है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य केवल तीर्थयात्रियों को सुविधाएं देना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। सरकार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और समृद्ध बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है।कपाट खुलने के एक महीने में ही 7 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। औसतन प्रतिदिन 24,000 से अधिक यात्री केदारपुरी पहुंच रहे हैं। इस दौरान स्थानीय व्यापारियों ने दो अरब से अधिक का कारोबार किया है।घोड़े-खच्चरों से 1.39 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा की, जिससे ₹40.50 करोड़ की आय हुई। हेली सेवाओं से 33,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जिससे ₹35 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। डंडी-कंडी सेवा से ₹1.17 करोड़, जबकि टैक्सी शटल सेवा से ₹7 करोड़ की कमाई हुई। होटल-रेस्तरां व्यवसाय में ₹100 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ। जीएमवीएन के 15 प्रतिष्ठानों ने ₹3.80 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।

साफ-सफाई और नियमों के उल्लंघन पर ₹2.26 लाख का जुर्माना भी वसूला गया। महिला-बुजुर्गों के लिए आरक्षित वाहनों की शुरुआत एक सकारात्मक पहल है।

केदारनाथ यात्रा अब केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड के विकास की धुरी बन चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 1 6 5 7 8
Users Today : 54
Users Yesterday : 907
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 1 6 5 7 8
Users Today : 54
Users Yesterday : 907