न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: खेल महाकुम्भ में धामी का बड़ा धमाका! 3.35 लाख खिलाड़ियों ने दिखाया दम, देहरादून बना चैंपियन, विजेता को 5 लाख का इनाम BIG BREAKING:: हरकी पैड़ी पर हुड़दंगियों का हंगामा पड़ा भारी! पुलिस ने मौके से 8 उपद्रवियों को दबोचा, मचा हड़कंप BIG BREAKING:: उत्तराखण्ड कौथिग-2026 में सीएम धामी का बड़ा संदेश: लोक संस्कृति हमारी पहचान और आत्मा, विरासत के संरक्षण के साथ युवाओं-महिलाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार! BIG BREAKING:: इंडिया गठबंधन की महारैली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी, कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली रवाना हुए चंद्रशेखर यादव BIG BREAKING:: कुंभ-2027 की तैयारियों में डीएम मयूर दीक्षित का एक्शन मोड, सड़कों पर उतरे अधिकारी! 15 दिन में सड़क मरम्मत और सर्विस लेन का काम पूरा करने का अल्टीमेटम BIG BREAKING:: चोरी करने निकले थे शातिर बदमाश, पुलिस से पड़ा पाला तो भागने लगे! फर्जी नंबर प्लेट का खेल बिगड़ा, मुठभेड़ में दोनों को लगी गोली
Home » आरोप » “शिवालिकनगर पालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ फूटा जनाक्रोश: चेयरमैन राजीव शर्मा पर गंभीर आरोप, SIT जांच और सार्वजनिक ऑडिट की मांग तेज”

“शिवालिकनगर पालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ फूटा जनाक्रोश: चेयरमैन राजीव शर्मा पर गंभीर आरोप, SIT जांच और सार्वजनिक ऑडिट की मांग तेज”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। शिवालिकनगर पालिका परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर रविवार को नगर में माहौल गरमा गया। निर्दलीय सभासद अमरदीप उर्फ रोबिन के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने पालिकाध्यक्ष राजीव शर्मा के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन का प्रयास किया, लेकिन रानीपुर क्षेत्र में ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।हालात बिगड़ने से पहले एएसपी सदर जितेंद्र चौधरी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में पालिकाध्यक्ष राजीव शर्मा पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।सभासद रोबिन का कहना है कि पालिका परिषद में फर्जी टेंडरों के माध्यम से करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। बिना कार्य के भुगतान, सफाई और मरम्मत कार्यों में अनियमितताएं, महंगे दामों पर स्ट्रीट लाइट खरीद और ठेकेदारों से मिलीभगत जैसे कई आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि ज़रूरतमंद इलाकों में अभी भी अंधेरा छाया हुआ है, जबकि कागजों में पूरा काम दिखाया गया है।सफाई व्यवस्था का हाल भी बदतर है — न तो वाहन चल रहे हैं, न ही सफाईकर्मी मैदान में नजर आते हैं, लेकिन लाखों रुपये के खर्च दर्शाए गए हैं। सीवरेज और पाइपलाइन मरम्मत के कार्य भी आधे-अधूरे हैं, फिर भी भुगतान फाइलों में पूर्ण रूप से दर्शाया गया है।

ज्ञापन में पालिकाध्यक्ष की चल-अचल संपत्तियों की जांच SIT से कराने की मांग की गई है। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान संपत्ति और जीवनशैली में असामान्य वृद्धि हुई है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाती।

राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें की गई हैं:

ALSO READ  इलाज के दौरान पालतू कुत्ते की मौत, भावुक स्वामी ने किया हंगामा, डॉक्टर हिरासत में

1. पालिकाध्यक्ष के पूरे कार्यकाल की SIT जांच।

2. दो वर्षों में हुए सभी कार्यों की स्वतंत्र फील्ड ऑडिट।

3. पालिका के कार्यों की सार्वजनिक रिपोर्टिंग और निगरानी की व्यवस्था।

सभासद रोबिन ने कहा कि यह केवल एक विरोध नहीं, बल्कि जनता की आवाज है। लोकतंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलना अधिकार है, और यदि इसे रोका जाए तो यह लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल जनहित में कड़ा निर्णय लेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 2 0 0 2
Users Today : 417
Users Yesterday : 745
[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 2 0 0 2
Users Today : 417
Users Yesterday : 745