(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 05 जून 2026। चारधाम यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ एवं पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए जनपद की पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माण इकाइयों पर व्यापक जांच अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने संबंधित इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं और पानी के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी के निर्देशन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
इस दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेन्द्र पाण्डेय भी टीम में शामिल रहे। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सिडकुल बहादराबाद क्षेत्र में संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया।
चारधाम यात्रा मार्गों पर सप्लाई होने वाले पानी की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान कुल तीन ऐसी निर्माण इकाइयों का परीक्षण किया गया, जिनसे न केवल हरिद्वार बल्कि चारधाम यात्रा मार्गों पर भी पैक्ड पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
विभागीय अधिकारियों ने मौके से एक लीटर पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर की दो बोतलों के नमूने लिए और उन्हें परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर भेज दिया।
अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित इकाइयों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सके संचालक, जारी हुए नोटिस
निरीक्षण के दौरान तीनों इकाइयों में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की कमी पाई गई। जांच टीम ने पाया कि कुछ इकाइयां भारतीय मानक ब्यूरो (IS 14543) के अनुरूप जल गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके अलावा लॉट नंबर से संबंधित लैब रिपोर्ट, इन-हाउस टेस्टिंग रिकॉर्ड तथा प्लास्टिक बोतलों के फूड ग्रेड और माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
इन कमियों को गंभीर मानते हुए विभाग ने FoSCoS पोर्टल के माध्यम से तीनों इकाइयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक इकाई में मिली गंदगी, तीन दिन में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एक निर्माण इकाई में स्वच्छता मानकों का उल्लंघन भी पाया गया। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी और उत्पादन क्षेत्र में गंदगी मिलने पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित इकाई को तीन दिन के भीतर सभी कमियों को दूर करने तथा स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सरकारी कैंटीन में मिला बासी खाद्य पदार्थ, मामला पहुंचा न्यायालय
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल पैकेज्ड पानी तक सीमित नहीं रही। विभाग ने जानकारी दी कि 26 मई 2026 को हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित महादेव ढाबा के पास इंग्लिश वाइन शॉप परिसर में संचालित मैसर्स सरकारी कैंटीन का भी निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान वहां लगभग 4.5 किलोग्राम उबले हुए काले चने बासी और दुर्गंधयुक्त अवस्था में पाए गए। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
जांच में यह भी सामने आया कि कैंटीन संचालक पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल एवं वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र तथा पेस्ट कंट्रोल से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका।
इन गंभीर कमियों को देखते हुए विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अंतर्गत संबंधित संचालक के विरुद्ध 2 जून 2026 को न्यायालय में वाद दायर कर दिया है।
रेस्टोरेंट, ढाबों और डेयरियों पर भी चला निरीक्षण अभियान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में विभाग की एक अन्य टीम ने निर्मल छावनी, लोधा मंडी और अपर रोड क्षेत्र में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान रेस्टोरेंट, ढाबों, मिठाई की दुकानों और डेयरियों सहित कुल नौ प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
निरीक्षण में दो प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कमी पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए। वहीं एक खाद्य कारोबारी बिना वैध लाइसेंस के कारोबार संचालित करता मिला, जिसके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई।
श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में भोजन और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि यात्रा मार्गों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों और पेयजल की नियमित जांच की जा रही है ताकि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
विभागीय अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखें, लाइसेंस एवं पंजीकरण संबंधी दस्तावेज अद्यतन रखें और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
अभियान रहेगा लगातार जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा-2026 के दौरान जनपद हरिद्वार और यात्रा मार्गों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नोटिस, चालान, लाइसेंस निलंबन और न्यायालयीन कार्रवाई जैसी कठोर कार्यवाही की जाएगी।
विभाग का मानना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से आगामी दिनों में भी व्यापक स्तर पर जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे।


























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