(शहजाद को अली)हरिद्वार। जनपद में अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं की गुणवत्ता, कानून व्यवस्था और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरुप शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचे।
सीसीआर मेला भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित अपराध गोष्ठी में उन्होंने जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों, सर्किल ऑफिसर्स और थाना प्रभारियों के साथ विस्तार से समीक्षा बैठक की। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में एसएसपी नवनीत सिंह ने जनपद में हाल के महीनों में घटित विभिन्न अपराधों, उनके अनावरण, लंबित विवेचनाओं और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
अपराधों के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जनपद पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की आईजी ने सराहना की, वहीं विवेचनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
“अपराध नियंत्रण के साथ-साथ विवेचना की गुणवत्ता ही पुलिस की वास्तविक कार्यक्षमता का पैमाना है।”
आईजी राजीव स्वरुप ने कहा कि किसी भी मामले की विवेचना केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होती है।
उन्होंने सभी सर्किल ऑफिसर्स को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के थानों में नियमित रूप से अपराध समीक्षा बैठक (ओआर) आयोजित करें और विवेचकों से लंबित मामलों की प्रगति की जानकारी लें।
साथ ही यह सुनिश्चित करें कि गंभीर अपराधों की विवेचना निर्धारित समयावधि में पूरी हो और जांच की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक के दौरान आईजी ने प्रदेश स्तर और रेंज स्तर पर संचालित विभिन्न अभियानों की भी समीक्षा की। विशेष रूप से ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत हरिद्वार पुलिस के प्रदर्शन की उन्होंने सराहना की।
उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान तभी प्रभावी साबित होंगे जब पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता, समर्पण और निरंतरता के साथ कार्य करें।
“हरिद्वार जैसे संवेदनशील जिले में पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही दोनों का उच्च स्तर पर होना आवश्यक है।”
राजीव स्वरुप ने कहा कि हरिद्वार धार्मिक, सामाजिक और जनसंख्या की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जिला है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन होता है,
जिसके कारण कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पुलिसिंग के स्तर को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
बैठक में वर्तमान में संचालित चारधाम यात्रा को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। आईजी ने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और वाहन हरिद्वार होकर गुजरते हैं,
इसलिए यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रैफिक प्लान का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा जरूरत पड़ने पर उसमें आवश्यक सुधार भी किए जाएं।
इसके अलावा उन्होंने जनपद देहरादून पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया ताकि दोनों जिलों के बीच वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सके और यात्रियों को अनावश्यक जाम या परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
“चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
अपराध गोष्ठी के दौरान पुलिस अधिकारियों को अपराध रोकथाम, लंबित मामलों के निस्तारण, कानून व्यवस्था बनाए रखने, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई तथा जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वहीं एसएसपी नवनीत सिंह ने आईजी को आश्वस्त किया कि जनपद पुलिस का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा।
उन्होंने कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा आमजन का विश्वास कायम रखने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बैठक के अंत में आईजी राजीव स्वरुप ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने तथा जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि हरिद्वार पुलिस भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


























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