न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: हरिद्वार में गूंजा ‘वोकल फॉर लोकल’ का दमदार संदेश, स्थानीय हुनर और उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, उद्यमियों को रोजगार की नई उड़ान BIG BREAKING:: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर DM का बड़ा एक्शन, ANM निलंबित; 12 मातृ मृत्यु मामलों की गहन जांच से मचा हड़कंप BIG BREAKING:: राज्यसभा सांसद खेलकूद प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, कबड्डी-रिले-पिट्टू और भाला फेंक में विजेताओं ने लहराया परचम BIG BREAKING:: सेनानायक आयुष अग्रवाल ने सुनी जवानों की समस्याएं, 40वीं पीएसी में 33 कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवा पर मिला सम्मान BIG BREAKING:: रुड़की में नगर निगम की जमीनों का महा-सर्वे, शेरपुर-खंजरपुर-मलकपुर में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी BIG BREAKING:: 25 पॉइंट कार्यक्रम पर CS का सख्त एक्शन, योजनाओं का हिसाब नहीं अब जनता को मिला लाभ देखेंगे आनन्द बर्द्धन
Home » वरदान » स्वास्थ्य बना प्रकृति का वरदान: यूएसडीएमए में योग-नेचुरोपैथी कार्यशाला और आयुर्वेदिक चिकित्सा कैंप में तनावमुक्त जीवन के सूत्र साझा, विशेषज्ञ बोले– “सही सांस ही है स्वस्थ जीवन की चाबी”

स्वास्थ्य बना प्रकृति का वरदान: यूएसडीएमए में योग-नेचुरोपैथी कार्यशाला और आयुर्वेदिक चिकित्सा कैंप में तनावमुक्त जीवन के सूत्र साझा, विशेषज्ञ बोले– “सही सांस ही है स्वस्थ जीवन की चाबी”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप ने कहा कि आजकल की व्यस्त जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में आयुर्वेदिक चिकित्सा और प्राकृतिक उपचार स्वस्थ रहने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह बात उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में आयोजित मासिक प्राकृतिक चिकित्सा शिविर के अवसर पर कही। श्री स्वरूप ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से कर्मचारीगण न सिर्फ विपरीत परिस्थितियों में तनाव मुक्त रहते हुए प्रेशर को अच्छे से हैंडल कर सकते हैं बल्कि स्वस्थ जीवन की ओर भी अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूएसडीएमए तथा आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी हर समय एलर्ट मोड पर रहते हैं और दिन-हो या रात, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत ही कार्यालय पहुंचकर कार्य करते हैं। इस मानसून सीजन में उन्होंने बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल में कार्य किया है और ऐसे में तनाव होना लाजमी है। यह शिविर कहीं न कहीं तनाव से मुक्ति दिलाने का कार्य करेगा और ये ही प्रयास भी है। इस अवसर पर डॉ. नेहा जोशी, चिकित्साधिकारी, जिला चिकित्सालय आयुष विंग, फार्मेसी अधिकारी नितिन कपरूवान ने कर्मचारियों को परामर्श दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 5 2 8 7
Users Today : 277
Users Yesterday : 861
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 5 2 8 7
Users Today : 277
Users Yesterday : 861