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“Haridwar:CDO डॉ. ललित नारायण मिश्र का बड़ा एक्शन प्लान, हरिद्वार के 25 ब्लैक स्पॉट होंगे दुरुस्त; ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर सख्ती”

(शहजाद अली हरिद्वार) Haridwar: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) की बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), लोक निर्माण विभाग (PWD), शिक्षा विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करें।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनपद में चिन्हित 25 ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुधारात्मक कार्य प्रारंभ किए जाएं। जहां सड़क की ज्यादा खामियां है, संकेतक बोर्डों का अभाव, प्रकाश व्यवस्था, रोड मार्किंग, स्पीड ब्रेकर अथवा अन्य सुरक्षा उपायों की आवश्यकता हो, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण किए जाएं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।उन्होंने परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि ओवरस्पीडिंग, नशे की हालत में वाहन संचालन, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित एवं सघन प्रवर्तन अभियान चलाकर प्रभावी एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।

बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा द्वारा परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्यवाही का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया गया। तथा बताया गया कि जनवरी 2026 से जून 2026 तक सड़क सुरक्षा एवं मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत कुल 19,523 चालान किए गए। इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाने के 15,874, ओवरस्पीडिंग के 7,751, भार वाहनों में ओवरलोड के 1,142, दुपहिया वाहनों में ओवरलोड के 1,063, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने के 1,113, माल वाहनों में सवारी ले जाने के 402, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग के 335, गलत दिशा में वाहन संचालन के 153, नो पार्किंग के 93 तथा ड्रिंक एंड ड्राइव के 6 मामलों में चालान की कार्रवाई की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से जारी रखते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में प्रस्तुत सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को हर हाल में नीचे लाना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य करे ताकि सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें होने वाली जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।

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उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने के महत्व, सीट बेल्ट के उपयोग, सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों तथा यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाए, ताकि वे स्वयं जागरूक नागरिक बनें और अपने परिवार एवं समाज को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें।बैठक में सड़क सुरक्षा ऑडिट, दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी संकेतक स्थापित करने, सड़क संकेतकों एवं रिफ्लेक्टिव मार्किंग को सुदृढ़ करने, सड़क सुरक्षा संबंधी जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करते हुए नियमित समीक्षा की जाए, जिससे जनपद में सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था स्थापित की जा सके।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराए जाने के लिए सभी चिकित्साओं के साथ बैठक आयोजित कर सभी चिकित्सालयों को पैनल में शामिल किया जाए ,जिससे कि घायल व्यक्ति का तत्काल नजदीकी चिकित्सालय में उपचार कराया जा सके जिससे कि घायल व्यक्ति का जीवन बचाया जा सके।

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बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रवर्तन कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, जिससे जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा द्वारा विभागवार विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता डी.पी. सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा, आरटीओ (प्रवर्तन) कृष्ण चंद्र पलारिया, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार वर्मा, एनएचएआई के अधिकारी एम संतोष,लोनिवि अधिशासी अभियंता हरिद्वार योगेश कुमार, लोनिवि अधिशासी अभियंता रुड़की सोनू त्यागी, लोनिवि अधिशासी अभियंता लक्सर नवनीत पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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