(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैनात एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) की मुस्तैदी से दो शिवभक्तों की जान बच गई। कांगड़ा घाट पर गंगा के तेज बहाव में अचानक दो कांवड़िए बहने लगे। दोनों को डूबता देख मौके पर मौजूद एसडीआरएफ टीम तत्काल हरकत में आई और बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
एसडीआरएफ जवानों ने तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच गंगा में उतरकर दोनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू किए गए कांवड़ियों की पहचान हरियाणा के करनाल निवासी राजू, पुत्र शीशपाल तथा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी अभिषेक चौहान, पुत्र सुशील कुमार के रूप में हुई है
बताया गया कि दोनों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के दौरान कांगड़ा घाट पहुंचे थे। इसी दौरान गंगा की तेज धारा की चपेट में आने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बहने लगे। मौके पर तैनात एसडीआरएफ टीम ने स्थिति को तुरंत भांपते हुए बचाव अभियान शुरू किया। जवानों की तत्परता और साहस के चलते दोनों कांवड़ियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू के बाद एसडीआरएफ टीम ने दोनों श्रद्धालुओं की प्राथमिक जांच की। सुरक्षित पाए जाने के बाद उन्हें उनके साथियों के सुपुर्द कर दिया गया। हादसे के बाद दोनों श्रद्धालुओं और उनके साथियों ने एसडीआरएफ जवानों की तत्परता और साहस की सराहना की।
कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए एसडीआरएफ और पुलिस लगातार सुरक्षा व्यवस्था में जुटी हुई है। घाटों पर तैनात जवान श्रद्धालुओं को लगातार सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।
एसडीआरएफ ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि गंगा में स्नान के दौरान निर्धारित घाटों का ही इस्तेमाल करें। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। श्रद्धालुओं की थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में सुरक्षित कांवड़ यात्रा के लिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।




































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