(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए विस्तृत यातायात प्लान जारी कर दिया है। यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए यह प्लान तैयार किया गया है, ताकि यात्री सुरक्षित और सुगमता से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और यात्रा के दौरान संयम बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर उत्तराखंड पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
यातायात प्लान के अनुसार, जैसे ही शहर में वाहनों का दबाव बढ़ेगा, भारी वाहनों को हरिद्वार की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा। इसके अलावा नगला इमरती से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग और होल्डिंग एरिया में भेजा जाएगा, जहां से ट्रैफिक को धीरे-धीरे नियंत्रित तरीके से छोड़ा जाएगा।
सामान्य स्थिति में चमगादड़ टापू को होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग किया जाएगा, जिसे अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित कर एंट्री और एग्जिट के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। वहीं, ऋषिकेश की ओर से आने वाले वाहनों के लिए चीला मार्ग को केवल एग्जिट के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक तक वाहनों को भेजने की व्यवस्था की गई है, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक की रफ्तार नियंत्रित रह सके। टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने की स्थिति में नहर पटरी मार्ग का उपयोग निकासी के लिए किया जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली प्राइवेट बसों को ट्रैफिक अधिक होने पर मोहंड के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब से आने वाले वाहनों के लिए भी विशेष रूट निर्धारित किए गए हैं, जिनमें नारसन, मंगलौर, गुरुकुल कांगड़ी होते हुए हरिद्वार पहुंचने की व्यवस्था की गई है। इन वाहनों के लिए अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
यदि यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ता है, तो इन वाहनों को नगला इमरती, लक्सर, फेरूपुर और जगजीतपुर होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, दिल्ली और पंजाब से आने वाले वाहनों को सहारनपुर, भगवानपुर, बिजौली और मोहंड के रास्ते देहरादून-ऋषिकेश की ओर भेजा जाएगा।
मुरादाबाद और नजीबाबाद से आने वाले छोटे वाहनों को चिड़ियापुर, श्यामपुर और चंडी चौक होते हुए शहर में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि बड़े वाहनों को गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में रोका जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों के लिए नेपाली फार्म और रायवाला होते हुए हरिद्वार पहुंचने का रूट तय किया गया है, जहां लालजीवाला, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
वहीं, चारधाम यात्रा से लौटने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग रूट प्लान निर्धारित किए गए हैं। देहरादून और ऋषिकेश से मेरठ-दिल्ली जाने वाले वाहनों को चंडी चौक से एनएच-344 के जरिए भेजा जाएगा, जबकि नजीबाबाद की ओर जाने वाले वाहन श्यामपुर मार्ग से होकर गुजरेंगे।ऑटो और विक्रम चालकों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। ट्रैफिक दबाव बढ़ने पर देहरादून-ऋषिकेश की ओर से आने वाले ऑटो और विक्रम केवल जयराम मोड़ तक ही आ सकेंगे और वहीं से सवारी उतारकर वापस लौटेंगे। ज्वालापुर, रानीपुर और बीएचईएल क्षेत्र से आने वाले ऑटो के लिए भी डायवर्जन प्लान लागू रहेगा, जिससे शहर के भीतरी इलाकों में जाम की स्थिति न बने।
इसके अलावा, चारधाम यात्रा के दौरान ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के वाहनों, ऑटो, विक्रम और टैक्सियों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि यह पूरा प्लान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यातायात नियमों का पालन करें और निर्देशों का अनुसरण करें, ताकि चारधाम यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।


























