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Home » खुलासा » “हरिद्वार में तमंचे के दम पर लूट मचाने वाले गैंग का पर्दाफाश, लूटी गई स्कूटी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे 4 शातिर, SSP नवनीत सिंह की सख्ती के आगे नहीं चली बदमाशों की चाल”

“हरिद्वार में तमंचे के दम पर लूट मचाने वाले गैंग का पर्दाफाश, लूटी गई स्कूटी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे 4 शातिर, SSP नवनीत सिंह की सख्ती के आगे नहीं चली बदमाशों की चाल”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली रानीपुर और सीआईयू की संयुक्त टीम ने तमंचे के बल पर स्कूटी, मोबाइल, पर्स और नकदी लूटने वाले चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई स्कूटी, मोबाइल फोन, पर्स, नकदी, देशी तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद किया है।

पॉश इलाके में हुई लूट का पुलिस ने किया पर्दाफाश, चारों आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे।

पुलिस के अनुसार 23 मई 2026 की रात सीतापुर निवासी सौरभ सती अपनी स्कूटी से सिडकुल क्षेत्र से घर लौट रहे थे। चिन्मय डिग्री कॉलेज के पास पीछे से आए चार स्कूटी सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने तमंचा दिखाकर धमकाया और उनकी स्कूटी, मोबाइल फोन, पर्स तथा करीब पांच हजार रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए। घटना के संबंध में कोतवाली रानीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने तत्काल खुलासे के निर्देश दिए। इसके बाद कोतवाली रानीपुर और सीआईयू की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने पुराने अपराधियों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी वारदात के समय मुख्य मार्गों की बजाय गली-मोहल्लों के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे उनके स्थानीय होने की आशंका मजबूत हुई।

 स्थानीय रास्तों की जानकारी ने खोला राज, मुखबिर की सूचना बनी गिरफ्तारी का आधार।

31 मई की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक रेगुलेटर पुल के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर चार युवकों को स्कूटी सहित रोक लिया। जांच के दौरान स्कूटी की नंबर प्लेट संदिग्ध लगी।इंजन और चेसिस नंबर की जांच करने पर पुष्टि हुई कि यह वही स्कूटी है जो लूट की घटना में छीनी गई थी। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी।

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तलाशी के दौरान पुलिस ने एक आईक्यूओ मोबाइल, पीड़ित का पर्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो हजार रुपये नकद, एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद किया।

पुलिस के अनुसार आरोपी दोबारा किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते उन्हें पकड़ लिया गया।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्तिक सैनी, शिवांश उर्फ विलन, लक्की और वंश चंचल के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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