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“हरिद्वार जनसुनवाई में डीएम मयूर दीक्षित का सख्त एक्शन मोड: 65 शिकायतें, 32 का मौके पर समाधान, अधिकारियों को साफ चेतावनी—अब लापरवाही नहीं चलेगी!”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कार्यक्रम के दौरान कुल 65 शिकायतें दर्ज की गईं,

जिनमें से 32 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को आवश्यक कार्रवाई एवं समाधान के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड, सिंचाई, पैमाइश एवं अन्य जनहित से जुड़े विषय प्रमुख रूप से सामने आए।जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

 जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने का संदेश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर मौके पर पहुंचें और वास्तविक स्थिति का आकलन कर शिकायतों का समाधान करें।

 ग्राम प्रधान ने ट्यूबवेल के लिए एनओसी दिलाने की मांग उठाई

जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत लालढांग के ग्राम प्रधान सुनील सिंह बिष्ट ने ग्राम डालूपुरी लालढांग में मनोज कुमार पुत्र स्वर्गीय राजपाल सिंह की भूमि पर स्वीकृत ट्यूबवेल के लिए सिंचाई विभाग से एनओसी दिलाने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा।

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उन्होंने बताया कि नलकूप विभाग बहादराबाद द्वारा ट्यूबवेल स्वीकृत किया जा चुका है, लेकिन एनओसी की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।इसी प्रकार देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति हरिद्वार के अध्यक्ष दिनेश चंद्र सकलानी ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों के लिए एक मिलन केंद्र बनाए जाने की मांग जिलाधिकारी के समक्ष रखी।

उन्होंने कहा कि ऐसा केंद्र बनने से पूर्व सैनिकों को एक साझा मंच मिलेगा तथा उनकी विभिन्न गतिविधियों का संचालन सुगमता से हो सकेगा।

पेयजल और बिजली से जुड़ी समस्याएं भी पहुंचीं जनसुनवाई में

रानीमाजरा निवासी शैलेन्द्र कुमार ने पुरानी पाइपलाइन से नया पेयजल कनेक्शन दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पेयजल सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें नया कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है।वहीं लक्सर निवासी कालूराम पुत्र हरजस ने खेत के लिए विद्युत कनेक्शन दिलाने की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि लगभग आठ महीने पूर्व विद्युत विभाग में आवेदन शुल्क सहित सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है।इस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

 राजस्व और भूमि विवाद के कई मामले पहुंचे डीएम के समक्ष

बिन्डू खड़क निवासी योगेंद्र कुमार ने सजरा रकबा दुरुस्तीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं रावली महदूद निवासी राजकुमार एवं सुरेंद्र कुमार ने भगवानपुर क्षेत्र स्थित अपनी भूमि का पूरा रकबा दर्ज कराने की मांग की।इब्राहिमपुर मसाही परगना भगवानपुर निवासी विमला रावत ने अपनी भूमि की पैमाइश कराए जाने के लिए जिलाधिकारी से अनुरोध किया।

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उन्होंने बताया कि उनकी भूमि के संबंध में लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए पैमाइश आवश्यक है।इन मामलों पर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी भूमि संबंधी शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान किया जाए और जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर जांच की जाए।

 अंबेडकर भवन पर अवैध कब्जे का मामला भी उठा

जनसुनवाई में ग्राम रावली महदूद के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि गांव की भूमि पर बने अंबेडकर भवन को क्षतिग्रस्त कर अवैध कब्जा किया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कब्जा हटवाने और भवन को सुरक्षित कराने की मांग की।ग्रामीणों का कहना था कि यह भवन सामाजिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों के लिए बनाया गया था, लेकिन अवैध कब्जे के कारण इसका उपयोग प्रभावित हो रहा है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

 बाणगंगा तट पर अवैध निर्माण का मुद्दा भी पहुंचा प्रशासन तक

लक्सर निवासी कपिल कुमार गोयल ने बाणगंगा नदी के तट पर हो रहे अवैध निर्माणों और शौचालयों से निकलने वाले गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे नदी का प्रदूषण बढ़ रहा है और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मामले का संज्ञान लेते हुए आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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 अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी

जनसुनवाई के समापन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता का परिचय दें।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान करना है ताकि जनता को राहत मिल सके और शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।

जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं और कई मामलों में मौके पर समाधान मिलने पर संतोष भी व्यक्त किया।

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