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“लोक भवन में राज्यपाल की प्रेरक गुरूगाथा: ‘जनता की सेवा ही सर्वोच्च धर्म’, ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता तक—PCS अधिकारियों को दिया संवेदनशील, ईमानदार और जनकेंद्रित प्रशासन का मंत्र”

(शहजाद अली हरिद्वार) उत्तराखंड। राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh से आज लोक भवन में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी और सेवा का भाव है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियाँ विशिष्ट हैं, जहाँ दूरस्थ और कठिन इलाकों में सेवाएँ पहुँचाना चुनौतीपूर्ण होता है। अधिकारियों को इन चुनौतियों को समझते हुए सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि वे आम लोगों की समस्याएं ध्यान से सुनें और उनके समाधान के लिए गंभीर प्रयास करें। राज्यपाल ने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह आपका मिशन और विजन होना चाहिए। राज्यपाल ने ई-गवर्नेंस और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर भी बल दिया, जिससे सेवाएँ सरल और समयबद्ध हो सकें तथा आमजन को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, ईमानदारी और समयबद्धता अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को भ्रष्टाचार से दूर रहने का संकल्प लेने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि जनता प्रशासन से सम्मान, संवेदनशीलता और न्याय की अपेक्षा रखती है। प्रशिक्षु अधिकारी हमेशा विनम्र, निष्पक्ष और ईमानदार रहें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षु अधिकारी अपनी सकारात्मक सोच, कार्यनिष्ठा और सेवा भावना से उत्तराखण्ड को नई दिशा देंगे।

 

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