(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। मानवता की सेवा और समाज कल्याण के कार्यों में सदैव अग्रणी रहने वाला संत निरंकारी मिशन एक बार फिर रक्तदान जैसे महादान के माध्यम से लोगों के जीवन बचाने के लिए आगे आया।
संत निरंकारी मिशन की हरिद्वार शाखा द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सेवादल के स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर में कुल 120 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ रानीपुर विधायक आदेश चौहान एवं संत निरंकारी मिशन के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर मेयर किरण जैसल सहित कई गणमान्य नागरिक, मिशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
संत निरंकारी मिशन द्वारा अपनी सामाजिक संस्था संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन (एसएनसीएफ) के माध्यम से समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है।
इसी क्रम में आयोजित इस शिविर में ब्रांच के सेवादल, एसएनसीएफ के स्वयंसेवकों तथा साध-संगत के कुल 175 लोगों ने रक्तदान के लिए अपना पंजीकरण कराया। चिकित्सकीय जांच और आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद कुल 120 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
रक्त संग्रहण की जिम्मेदारी हरिद्वार ब्लड बैंक और रुड़की ब्लड बैंक की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीमों ने संभाली। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने आधुनिक उपकरणों एवं सुरक्षित प्रक्रिया के माध्यम से रक्त एकत्रित किया। पूरे आयोजन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सभी मानकों का विशेष ध्यान रखा गया।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का कार्य करता है।
उन्होंने संत निरंकारी मिशन की सराहना करते हुए कहा कि मिशन वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। चाहे रक्तदान हो, स्वच्छता अभियान हो या फिर आपदा के समय राहत कार्य, मिशन के स्वयंसेवक हर परिस्थिति में मानवता की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।
मेयर किरण जैसल ने भी मिशन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के समय में रक्त की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में संत निरंकारी मिशन जैसे संगठन समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रक्तदान से न केवल किसी का जीवन बचाया जा सकता है बल्कि यह सामाजिक एकता और मानवता का भी संदेश देता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत निरंकारी मिशन के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में मिशन लगातार मानवता की सेवा के कार्यों को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना ही नहीं बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है।
हरभजन सिंह ने बाबा जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं।” इस संदेश का सार यही है कि जो रक्त किसी कारणवश नष्ट हो सकता है, वही किसी जरूरतमंद व्यक्ति के शरीर में पहुंचकर उसका जीवन बचा सकता है।
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है तो वह यह नहीं सोचता कि उसका रक्त किस धर्म, जाति या समुदाय के व्यक्ति को मिलेगा। रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है, जहां केवल इंसानियत सर्वोपरि होती है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान एक ऐसा कार्य है जिसमें किसी प्रकार का स्वार्थ नहीं होता। रक्तदाता बिना किसी अपेक्षा के अपना रक्त देकर किसी अनजान व्यक्ति को जीवनदान देने का कार्य करता है। यही सच्ची सेवा और सच्ची मानवता है।
शिविर के दौरान बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और वरिष्ठ स्वयंसेवक भी मौजूद रहे। रक्तदाताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया और इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया। रक्तदान के बाद सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र एवं सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए।
आयोजन के दौरान सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक विचारों का लाभ उठाया। जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी भक्तों ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया और मानवता की सेवा के संकल्प को और मजबूत किया।
रक्त संग्रहित करने वाले अस्पतालों के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने भी मिशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविरों से ब्लड बैंकों में रक्त की उपलब्धता बढ़ती है और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है। डॉक्टरों ने संत निरंकारी मिशन द्वारा निःस्वार्थ भाव से किए जा रहे सेवा कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
गौरतलब है कि संत निरंकारी मिशन देश और विदेश में नियमित रूप से रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। मिशन का मानना है
कि आध्यात्मिकता तभी सार्थक है जब वह मानवता की सेवा से जुड़ी हो। हरिद्वार में आयोजित यह रक्तदान शिविर भी उसी सोच का एक उत्कृष्ट उदाहरण बना, जहां सैकड़ों लोगों ने मिलकर समाज सेवा और मानव कल्याण का संदेश दिया।
120 यूनिट रक्तदान के साथ यह शिविर न केवल सफल रहा बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी मजबूत करने का माध्यम बना।


























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