(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार हरिद्वार परिवहन विभाग की पहल पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह आयोजन पतंजलि यूनिवर्सिटी, औरंगाबाद (हरिद्वार) परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित सहायता के लिए प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में NCC और NDRF का संयुक्त सहयोग रहा। उद्देश्य युवाओं को फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना था, ताकि किसी भी सड़क दुर्घटना के दौरान गोल्डन आवर में पीड़ित को तत्काल मदद मिल सके।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में समय पर सहायता मिलने से कई अनमोल जानें बचाई जा सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को गोल्डन आवर की महत्ता विस्तार से समझाई गई। NDRF की टीम ने फर्स्ट रिस्पॉन्स से जुड़ा लाइव डेमो प्रस्तुत किया, जिसमें CPR, प्राथमिक उपचार, रक्तस्राव रोकने की तकनीक, स्ट्रेचर का सही उपयोग और राहत एवं बचाव कार्यों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस मौके पर NCC कैडेट्स और विश्वविद्यालय के छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और प्रशिक्षण को गंभीरता से सीखा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और जरूरतमंद की सहायता करने की शपथ ली।
वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और इनके माध्यम से दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
साथ ही आमजन से यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की अपील भी की गई।


























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