(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण की भावना से जुड़े हरेला पर्व के अवसर पर हरिद्वार में संभागीय परिवहन कार्यालय द्वारा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस विशेष अभियान के तहत संभागीय परिवहन कार्यालय परिसर एवं ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक परिसर में 200 से अधिक फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और हरित उत्तराखण्ड के निर्माण में सभी की सहभागिता सुनिश्चित करना भी रहा।
अधिकारियों ने किया वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व
वृक्षारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया। इस दौरान परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, संभागीय निरीक्षक आनंद वर्धन सहित विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण में भाग लिया। पूरे कार्यालय परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और सभी कर्मचारियों ने इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
हरेला पर्व का संदेश—प्रकृति संरक्षण ही भविष्य की सुरक्षा
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व केवल परंपरा निभाने का अवसर नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश भी देता है।
तेजी से बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
फलदार और छायादार पौधों को दिया गया प्राथमिकता
इस अभियान में ऐसे पौधों का चयन किया गया जो भविष्य में पर्यावरण के साथ-साथ समाज के लिए भी उपयोगी साबित हों। फलदार पौधे जहां पोषण और जैव विविधता को बढ़ावा देंगे,
वहीं छायादार वृक्ष गर्मी से राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यालय परिसर और ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक को हरित एवं प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पौधे लगाने के साथ संरक्षण का भी लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान केवल पौधारोपण तक ही अभियान सीमित नहीं रहा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल का भी सामूहिक संकल्प लिया।
अधिकारियों ने कहा कि पौधे लगाना पहला कदम है, लेकिन उनका संरक्षण और उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ विभाग ने पौधों की निगरानी और देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया।
पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान
संभागीय परिवहन कार्यालय, हरिद्वार ने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि वे हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पौधारोपण करें और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करें। विभाग का कहना है
कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। सामूहिक प्रयासों से ही हरित उत्तराखण्ड का सपना साकार किया जा सकता है।
सतत विकास की दिशा में परिवहन विभाग की सकारात्मक पहल
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा और परिवहन सेवाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है। हरेला पर्व पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान विभाग की सामाजिक प्रतिबद्धता और सतत विकास के प्रति सकारात्मक सोच का परिचायक है। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छ वायु, जैव विविधता के संवर्धन और हरित वातावरण के निर्माण के उद्देश्य से चलाया गया यह अभियान आने वाले समय में भी निरंतर जारी रहेगा।
हरेला पर्व के पावन अवसर पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान न केवल उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समाज का प्रत्येक वर्ग इस प्रकार के अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाए तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है।




































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