(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से मेरठ स्थित आयुक्त कार्यालय में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल एवं पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने की। बैठक में दोनों राज्यों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की।
उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उत्तराखंड की ओर से अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरगेशन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप तथा एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह शामिल हुए।
अधिकारियों ने हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में होने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी साझा करते हुए दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान कांवड़ यात्रा में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन सर्विलांस और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की सक्रियता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर चर्चा
बैठक में कांवड़ मार्गों पर यातायात प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत मंथन किया गया। भारी वाहनों के डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और विश्राम स्थलों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अंतरराज्यीय समन्वय को मिलेगा और मजबूती
अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों से होकर गुजरती है, इसलिए दोनों राज्यों के प्रशासन और पुलिस के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
सूचना के त्वरित आदान-प्रदान, संयुक्त नियंत्रण व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए साझा रणनीति तैयार की गई। इससे किसी भी चुनौती का समय रहते समाधान किया जा सकेगा।
सुरक्षित और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा का लक्ष्य
बैठक के अंत में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मेला-2026 को पूरी तरह सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए दोनों राज्यों के सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करेंगे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।




































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