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“BIG BREAKING:संतों की शरण में तीरथ, उत्तराखंड के विकास का विजन किया साझा—धार्मिक सर्किट से खुलेगा रोजगार का रास्ता”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने के बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत गुरुवार को हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने जूना अखाड़ा स्थित प्रसिद्ध माया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर संत-महात्माओं से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने संत समाज से मुलाकात कर प्रदेश के विकास और तीर्थाटन को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर चर्चा की।पत्रकारों से बातचीत में तीरथ सिंह रावत ने कहा कि संतों ने विकास, आम समाज और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इससे बदरीनाथ, केदारनाथ और छोटा कैलाश सहित अन्य धार्मिक स्थल बेहतर तरीके से आपस में जुड़ सकेंगे। इसका सीधा लाभ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के विकास में केंद्र सरकार का विशेष योगदान रहा है। सड़कों और बुनियादी ढांचे के विस्तार से दिल्ली से हरिद्वार की दूरी अब करीब साढ़े तीन घंटे में तय हो रही है, जबकि पहले इसमें कई घंटे लगते थे।रावत ने कहा कि आज संत समाज केवल अध्यात्म और पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और विकास के मुद्दों पर भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने संतों के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के आयोजन को देश की एकता और अखंडता की भावना से जोड़ते हुए कहा कि सांस्कृतिक भारत की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संत समाज के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से उत्तराखंड निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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