(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 04 अक्टूबर 2026। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार देर रात रुड़की ब्लॉक के नन्हेड़ा अनेतपुर क्षेत्र में पनीर निर्माण इकाई पर छापेमार कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के निर्माण का मामला पकड़ा। टीम ने मौके से पामोलीन ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर और बड़ी मात्रा में सेमी प्रोसेस्ड पनीर बरामद किया। कार्रवाई के बाद निर्माण इकाई को अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया गया है।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखण्ड विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में की गई। 03 अक्टूबर की रात उपायुक्त गढ़वाल मंडल आर.एस. रावत के नेतृत्व में सहायक आयुक्त हरिद्वार महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन व पवन कुमार की टीम ने एसपी देहात अभय प्रताप सिंह के सहयोग से उपलब्ध पुलिस बल के साथ नन्हेड़ा अनेतपुर स्थित पनीर निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
छापेमार कार्रवाई के दौरान पनीर निर्माता आजाद पुत्र ईसाक को कथित तौर पर उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का निर्माण, संग्रह और विक्रय करते पाया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल से करीब 20 किलो पामोलीन ऑयल और 30 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर बरामद किया गया। विभाग के अनुसार, पूछताछ में निर्माता ने पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर से पनीर तैयार करने की बात स्वीकार की। बताया गया कि तैयार पनीर को बाजार में करीब 240 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाता था।
मौके पर कार्रवाई करते हुए करीब 2 क्विंटल सेमी प्रोसेस्ड पनीर और 20 किलो पामोलीन ऑयल को नष्ट कराया गया, जबकि स्किम्ड मिल्क पाउडर को सीज कर जब्त कर लिया गया। प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ एनालॉग पनीर के निर्माण के चलते संबंधित पनीर निर्माण इकाई को अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर निर्माता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही मौके से खुले पनीर, खुले पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर के तीन विधिक नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में एडीपीओ सत्यपाल सिंह, कांस्टेबल सुधीर कुमार, योगेंद्र सिंह, परीक्षित, सोनू पुरी तथा महिला कांस्टेबल रोमा और निर्मला सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरी और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।








































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