(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार में रविवार को भागीरथ प्रयास फाउंडेशन के सौजन्य से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पीएसी और पुलिस बल के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया। जवानों ने रक्तदान के माध्यम से मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की। शिविर के दौरान अधिकारियों ने भी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
रक्तदान शिविर का विशेष आकर्षण वाहिनी के अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही। सेनानायक आयुष अग्रवाल (आईपीएस) तथा उपसेनानायक मनीषा जोशी ने स्वयं रक्तदान कर जवानों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों के रक्तदान करने से शिविर में मौजूद जवानों का उत्साह और बढ़ गया। अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
शिविर की शुरुआत से पहले भागीरथ प्रयास फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने सेनानायक आयुष अग्रवाल का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने वाहिनी की ओर से सामाजिक सेवा और जनहित के कार्यों में दिखाई जा रही सहभागिता की सराहना की। इस दौरान रक्तदान को लेकर जवानों में खासा उत्साह देखने को मिला।
रक्तदान शिविर में आरटीसी (RTC), एटीसी (ATC) और पुलिस बल के जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। जवानों ने कहा कि पुलिस और पीएसी बल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों में भी अपनी भूमिका निभाता है। रक्तदान जैसे मानवीय कार्य में सहभागिता इसी भावना को मजबूत करती है।
शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान किसी व्यक्ति के लिए जीवन बचाने वाला सहयोग साबित हो सकता है।
इस अवसर पर उपसेनानायक मनीषा जोशी, उपसेनानायक जोधराम जोशी, शिविरपाल आदेश कुमार, दलनायक गणेश लाल, सूबेदार सैन्य सहायक मंगल सिंह, सहायक शिविरपाल पीताम्बर दत्त नौटियाल समेत वाहिनी के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और अन्य लोगों से भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।
शिविर के माध्यम से जवानों ने ‘सेवा, सुरक्षा और समर्पण’ की भावना को मजबूत करते हुए समाज को संदेश दिया कि जरूरत के समय किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए किया गया रक्तदान सबसे बड़ी मानवीय सेवा में शामिल है।
शिविर के समापन पर रक्तदाताओं और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया गया। 40वीं वाहिनी पीएसी परिसर में आयोजित इस शिविर ने जवानों की सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार फिर सामने रखा।








































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