(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी 09 नवंबर 2026 (सोमवार) को सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में होने वाले पवित्र स्नान पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्नान पर्व के दृष्टिगत जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं आरक्षित मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी 08 नवंबर 2026 को शाम 04 बजे से प्रारंभ होकर स्नान पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।
जिलाधिकारी ने आदेश में कहा है कि सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी देश एवं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालुओं के गंगा स्नान हेतु हरिद्वार आने की संभावना है। इसके साथ ही वर्तमान में कुछ राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने, असामाजिक तत्वों, माओवादी गतिविधियों एवं आतंकवादी घटनाओं की आशंकाओं तथा पूर्व में हरिद्वार रेलवे स्टेशन एवं धार्मिक स्थलों पर विस्फोटक सामग्री मिलने की घटनाओं को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। इसी के दृष्टिगत संपूर्ण जनपद में सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने, प्रमुख स्नान घाटों एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संपूर्ण मेला क्षेत्र को 12 जोन एवं 40 सेक्टरों में विभाजित करते हुए जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
12 जोन में इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार हरकी पैड़ी जोन में नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी, मालवीय दीप जोन में उप मेलाधिकारी मंजीत सिंह, सुभाष घाट जोन में डिप्टी कलेक्टर एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी आकाश जोशी, मनसा देवी जोन में उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा, अपर रोड जोन में उप नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार दीपक गोस्वामी तथा ऋषिकुल मैदान जोन में संयुक्त आयुक्त राज्य कर नीरज कुमार को जोनल मजिस्ट्रेट नामित किया गया है।
इसी प्रकार खड़खड़ी-सप्तऋषि जोन में अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार, रोड़ी बेलवाला जोन में कृषि भूमि संरक्षण अधिकारी राम कुमार दोहरे, रोड़ी बेलवाला पार्किंग एवं मैदान जोन में जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, शंकराचार्य चौक जोन में अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह, सिडकुल जोन में जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल तथा चंडी देवी जोन में जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. विकास ठाकुर को जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन क्षेत्रों में तैनात रहेंगे जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट
हरकी पैड़ी जोन के अंतर्गत हरकी पैड़ी, महिला घाट, चौकी हरकी पैड़ी से महिला घाट की सीढ़ियों तक, संजय पुल तथा भारत स्काउट एंड गाइड हरकी पैड़ी क्षेत्र शामिल हैं। मालवीय दीप जोन में मालवीय दीप, कांगड़ा पुल एवं शिव पुल क्षेत्र को रखा गया है।
सुभाष घाट जोन में सुभाष घाट, मोती बाजार, बड़ा बाजार एवं विष्णु घाट क्षेत्र शामिल हैं। मनसा देवी जोन में मनसा देवी मंदिर, हिल बाईपास खड़ंजा मार्ग एवं मनसा देवी पैदल मार्ग की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। अपर रोड जोन में रतन टॉकीज, पोस्ट ऑफिस, शिवमूर्ति चौक एवं देवपुरा क्षेत्र शामिल हैं।
ऋषिकुल मैदान जोन के अंतर्गत ऋषिकुल पार्किंग, ऋषिकुल मैदान, प्रेमनगर-रानीपुर मोड़ एवं आर्य नगर क्षेत्र रखे गए हैं। खड़खड़ी-सप्तऋषि जोन में भीमगोडा, खड़खड़ी, दूधाधारी चौक, भूपतवाला बैरियर से आरटीओ चौक होते हुए सर्वानंद तिराहे तक सर्विस रोड तथा भूपतवाला बैरियर से भारत माता मंदिर पुराने आरटीओ चौक तक का क्षेत्र शामिल है। इसके साथ ही हनुमान वाटिका से जयराम मोड़ होते हुए चमगादड़ टापू पार्किंग तक का क्षेत्र भी इसी सेक्टर में रखा गया है।
रोड़ी बेलवाला जोन में जयराम मोड़-पंतदीप पार्किंग, रोड़ी बेलवाला हाईवे तथा चंडी चौक से केशवानंद तिराहे तक का क्षेत्र शामिल है। रोड़ी बेलवाला पार्किंग एवं मैदान जोन में हाथीपुल एवं रोड़ी बेलवाला पार्किंग मैदान क्षेत्र को शामिल किया गया है। शंकराचार्य चौक सेक्टर में केशवानंद तिराहे से होटल पार्क ग्रैंड तक एवं समस्त कनखल क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
सिडकुल जोन के अंतर्गत सम्राट चौक से बहादराबाद तिराहे तक तथा हरिलोक तिराहे से कोर कॉलेज तक का क्षेत्र शामिल है। चंडी देवी जोन में कालीमाता तिराहा, चंडी चौक एवं पार्किंग, चंडी चौकी से सिद्धपुर बैरियर जनपद सीमा तक तथा चंडी देवी मंदिर क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इन सभी क्षेत्रों में संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने सेक्टर में व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के सफल संचालन के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय, रोशनाबाद स्थित कंट्रोल रूम को 08 नवंबर 2026 से प्रभावी कर दिया जाएगा। आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत को कंट्रोल रूम का प्रभारी नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 7351428593 निर्धारित किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से भी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को सूचना उपलब्ध कराएंगे।
सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को स्नान पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सुव्यवस्थित यातायात संचालन, जल पुलिस व्यवस्था एवं अग्नि सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को सभी जोन एवं सेक्टरों में प्रभावी निगरानी रखने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है कि सीसीआर एवं अन्य आवश्यक स्थानों पर एंबुलेंस एवं स्ट्रेचर की पर्याप्त व्यवस्था के साथ प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और चिकित्सकीय दल की तैनाती सुनिश्चित करें। जिला चिकित्सालय में भी चिकित्सकों एवं सहायक कर्मचारियों की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार को सभी संबंधित क्षेत्रों एवं घाटों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कूड़ा वाहनों के माध्यम से नियमित कूड़ा उठान कराने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम को निर्धारित क्षेत्रों में वाहनों के अनावश्यक प्रवेश पर रोक लगाने तथा पुलिस विभाग के साथ समन्वय बनाकर परिवहन व्यवस्था सुचारु रखने को कहा गया है।
विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को स्नान पर्व के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सभी आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती, विद्युत सुरक्षा, कटे हुए एवं झूलते तारों की जांच तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने को कहा गया है।
जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा उत्तराखंड जल विद्युत निगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी को अग्निशमन संबंधी सभी तैयारियां दुरुस्त रखने तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित ड्यूटी में तैनात किसी भी अधिकारी का स्थानांतरण अथवा अन्यत्र ड्यूटी लगाए जाने की स्थिति में उनके स्थान पर प्रतिस्थानी अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता से करेंगे। स्नान पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों एवं संबंधित जोनल मजिस्ट्रेट तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी ने सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।








































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