(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। गुरुवार को डाम कोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने, यातायात व्यवस्था सुधारने, अतिक्रमण हटाने, सीवर एवं पेयजल लाइनों के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने तथा शहर में फैले अव्यवस्थित केबल तारों को हटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्रमुख एवं संपर्क मार्गों का अभियान चलाकर निरीक्षण करने और क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने को कहा।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने प्रमुख चौराहों, बाजारों और अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में प्रभावी प्रबंधन के निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट को नगर निगम, पुलिस और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सड़क एवं फुटपाथों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए हैं और उन पर अवैध कब्जा नहीं होना चाहिए।
बैठक में शहर में विद्युत पोलों पर लगे अव्यवस्थित, झूलते और अनुपयोगी केबल तारों का मुद्दा भी उठा। जिलाधिकारी ने केबल ऑपरेटरों को ऐसे तार तत्काल हटाने और शेष तारों को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के साथ शहर की सुंदरता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
सीवरेज कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सीवर लाइन डालने या मरम्मत के लिए खोदी गई सड़कों को काम पूरा होने के बाद तत्काल पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत और रिसाव की शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के भी निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को झूलते तारों को दुरुस्त करने, ट्रांसफार्मरों के आसपास उगी झाड़ियों की सफाई कराने तथा सड़क किनारे रेहड़ी-ठेली और फड़ संचालकों को दिए गए अवैध विद्युत कनेक्शनों की जांच कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और जनहित से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, परियोजना प्रबंधक नमामि गंगे मीनाक्षी मित्तल, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश मेहरा, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विपिन चौहान, केबल ऑपरेटर तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।








































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