न्यूज़ फ्लैश
“पुलिस लाइन हरिद्वार में तीज की धूम, सजी मेहंदी और तीज क्वीन की महफिल—250 से ज्यादा महिलाओं ने बढ़ाया समारोह का रंग” “गंगनहर के तेज बहाव में फंसी जिंदगी, SDRF ने जान पर खेलकर व्यक्ति को सकुशल बचाया” “हरियाली तीज में झूमे प्रदीप बत्रा-मनीषा बत्रा, लोकनृत्य संग दिखा देशभक्ति का रंग” “अटल जी को नमन: मुख्यमंत्री धामी ने कहा—राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों के पुरोधा थे वाजपेयी” “आईआईटी रुड़की में तिरंगे की शान, नवाचार का संकल्प; विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने का लिया प्रण” “SIR में पारदर्शिता पर आयुक्त का सख्त संदेश, बोले—हर पात्र मतदाता का नाम सूची में रहना चाहिए”
Home » एक्शन » “शिक्षा के नाम पर ‘लूट’ बंद! प्रशासन का बड़ा एक्शन: महंगे स्कूल अब भरेंगे हर्जाना, नहीं सुधरे तो लटकेगा ताला!”

“शिक्षा के नाम पर ‘लूट’ बंद! प्रशासन का बड़ा एक्शन: महंगे स्कूल अब भरेंगे हर्जाना, नहीं सुधरे तो लटकेगा ताला!”

(शहजाद अली हरिद्वार)नैनीताल/हल्द्वानी: निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा को ‘व्यापार’ बनाने की कोशिशों पर अब जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। शहर के नामी स्कूलों की आलीशान इमारतों के पीछे चल रहे किताबों के महंगे कारोबार पर जिलाधिकारी की नजर टेढ़ी हो गई है।

अभिभावकों की जेब पर भारी बोझ

जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 10 और निजी विद्यालयों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले के 28 स्कूलों को नोटिस जारी किया जा चुका है, जिससे अब तक कुल 38 स्कूल जांच के घेरे में आ चुके हैं।

एनसीईआरटी (NCERT) को दरकिनार करना पड़ा महंगा

जांच में सामने आया है कि कई स्कूल जानबूझकर एनसीईआरटी की सस्ती और मानक किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

15 दिन का अल्टीमेटम और सख्त शर्तें

प्रशासन ने स्कूलों को 15 दिन का समय देते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

एनसीईआरटी आधारित संशोधित पुस्तक सूची तुरंत जारी करें।

वेबसाइट पर फीस और किताबों का पूरा विवरण सार्वजनिक करें।

किसी विशेष विक्रेता से खरीद की बाध्यता खत्म करें।

अतिरिक्त वसूली गई फीस को वापस करें या भविष्य में समायोजित करें।

दोषी पाए जाने पर होगी बड़ी कार्रवाई

प्रशासन ने विकासखंड स्तर पर जांच समितियां गठित कर दी हैं। यदि 15 दिनों के भीतर स्कूलों ने अपनी व्यवस्था नहीं सुधारी, तो उनकी मान्यता निलंबन या स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि क्या स्कूल प्रशासन इन आदेशों के आगे झुकते हैं या अभिभावकों का शोषण जारी रहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 4 8 8 9
Users Today : 300
Users Yesterday : 398
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 4 8 8 9
Users Today : 300
Users Yesterday : 398