(शहजाद अली हरिद्वार) उत्तराखंड। बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। शासन का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दान-चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त करेंगे। समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय महानिदेशक के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है।
समिति को श्री बदरीनाथ धाम में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित सभी शिकायतों और कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह सभी तथ्यों का परीक्षण कर 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और आवश्यक संस्तुतियां सरकार को सौंपे।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा संबंधित व्यक्ति का सहयोग और परामर्श ले सकती है। इससे जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष, व्यापक और तथ्यपरक बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा समिति केवल शिकायतों की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के लिए सुधारात्मक सुझाव भी शासन को देगी। सरकार का मानना है कि इन सुझावों के आधार पर भविष्य में दान-प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक संस्थानों में श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और दान-चढ़ावे के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा मंदिरों की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और जनविश्वास के अनुरूप बनाया जाएगा।




































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